- शहर में 2929 शौचालयों का निर्माण दो अक्तूबर तक है किया जाना
शहर को दो अक्तूबर तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) किया जाना है। इसके लिए पालिका प्रशासन उन घरों को चिह्नित करने में लगा है जहां शौचालय नहीं बने हैं। पालिका कर्मचारी मौके पर जाकर वहां के लोगों से शौचालय निर्माण के लिए मौके पर आवेदन भी करा रही है, लेकिन शहर को ओडीएफ करने के लिए पालिका की मेहनत पर पीएनबी के अधिकारी पानी फेर रहे हैं।
पालिका ईओ अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि शहर में 2929 शौचालय का निर्माण दो अक्तूबर तक होना है, जिससे शहर दो अक्तूबर को ओडीएफ घोषित हो सके। उन्होंने बताया कि शहर में 1440 शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है वहीं 875 निर्माणाधीन हैं और 615 लोगों के वहां निर्माण होना है।
ईओ का कहना है कि लाभार्थियों के सत्यापन के बाद पालिका से पीएनबी को लाभार्थियों के खातों की जानकारी भेजी जाती है, ताकि खातों में धनराशि भेजी जा सकी, लेकिन बैंक अधिकारी खातों में पैसा भेजने में हीलाहवाली करते हैं। उनका कहना है कि लाभार्थी जब भुगतान के लिए पालिका के चक्कर काटने लगते हैं तब धनराशि न पहुंचने की जानकारी होती है। इस पर जब अधिकारियों से पूछों तो वह किसी का खाता संख्या और किसी का आईएफएस कोड गलत होने की बात बता देते हैं, लेकिन जब इसकी सूची मांगों तो उसे देने में भी कई कई दिन लगा देते हैं, जिससे शौचालय निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है।
मामले की जानकारी नहीं है यदि ऐसा हो रहा है तो यह गलत है। ब्रांच मैनेजर को प्राथमिकता के साथ शौचालय की धनराशि लाभार्थियों के खातों में भेजनी चाहिए, जिससे शहर जल्द से जल्द ओडीएफ घोषित हो सके।
- जितेंद्र श्रीवास्तव, लीड बैंक मैनेजर