पलियाकलां। त्रिकोलिया क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना बाघ अब हरीनगर के पास अंधरा ताल के किनारे डेरा जमाए हुए है। रविवार को गांव के पास दिखा बाघ सोमवार को भी उसी इलाके में बना रहा, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
वन विभाग का बाघ को पकड़ने का अभियान फिलहाल कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया है। दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों को खुले जंगल में छोड़े जाने के कार्यक्रम के चलते ट्रैंक्युलाइज विशेषज्ञ डॉ. दयाशंकर और रेस्क्यू में लगे हाथियों को वापस बुला लिया गया है।
इसके चलते ऑपरेशन टाइगर को 26 मार्च तक के लिए स्थगित करना पड़ा है। पलिया रेंज के वनकर्मी लगातार बाघ की लोकेशन ट्रैक कर रहे हैं। डिप्टी रेंजर शिव बाबू सरोज ने बताया कि बाघ पहले वाली जगह से थोड़ा हटकर अब अंधरा ताल के पास छिपा हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से वनकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों और हाथियों की वापसी के बाद 26 मार्च से अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।