ममरी। मोहम्मदी रेंज क्षेत्र के सुंदरपुर गांव के आसपास बाघ की गन्ने के खेतों में मौजूदगी होने और उसके पगचिह्न मिलने के कारण भयभीत ग्रामीणों ने खेतों में जाना बंद कर दिया है। बाघ की दहशत में लोग धान की निराई नहीं कर पा रहे हैं।
सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा, रामसिंह, मदारी, दिनेश, रविंदर, लालाराम, रामप्रताप आदि का कहना है कि सात जून को सुशील पर हमला करने के साथ चार पशुओं को मारने बाला बाघ निरंतर खेतों में देखा जा रहा है। जिसकी दहशत में लोग धान की निराई करने खेतों में नहीं जा रहे हैं। जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। बाघ के पगचिह्न भी खेतों में मिल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ ने कटहल वाले बाग से होकर जंगल आने जाने का रास्ता बना रखा है। बाघ ने अपना ठिकाना गन्ने के खेतों में बना रखा है, जो किसी भी समय हमला कर सकता है। रेंजर मोबीन आरिफ का कहना है किसी हमले की सूचना मिलती है तब वनकर्मी और एसटीपीएफ के जवान वहां कांबिंग करने पहुंच जाते हैं, इस वक्त हमले की कोई सूचना नहीं मिल रही है।