बाघ की निगरानी करती वन कर्मियों की टीम, साथ में ग्रामीण। संवाद
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज और बांकेगंज कस्बे से तीन किलोमीटर दूर रविवार दोपहर करीब दो बजे ग्रंट नंबर तीन बीट जंगल से सटे गुरसेम सिंह के गन्ने के खेत में बाघ ने जंगली सुअर पर हमला कर उसे मार डाला। बाघ के गुर्राने की आवाज सुनकर दहशत में आए ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह सुअर के शव को लेकर जंगल की ओर चला गया।
इधर ग्रामीणों के सूचना पर पहुंचे रेंजर मैलानी केपी सिंह और फॉरेस्टर आकाश खरवार घटनास्थल पर पहुंचे। जहां उन्हें बाघ के पगचिह्न और खून मिला। वन कर्मियों ने जंगली सुअर पर बाघ के हमले की पुष्टि करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने को कहा है। आबादी के निकट दिनदहाड़े बाघ के हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत है। बाघ के हमले से घबराए लोगों का कहना है जंगल से निकल कर बाघ आए दिन आबादी से सटे गन्ने के खेतों में पहुंच जाता है। शाम ढलते ही गन्ने के खेतों से उसके रुक-रुक कर दहाड़ने की आवाज सारी रात सुनाई देती रहती है। संवाद
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज की ग्रंट नंबर तीन बीट जंगल से सटे गन्ने के खेत में जंगली सुअर पर बाघ के हमले की सूचना मिली है। बाघ की निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम गठित की गई हैं। ग्रामीणों से अपील है कि वे खेतों की ओर समूह में और शोर मचाते हुए जाएं। बाघ या उसके पगचिह्न दिखाई पड़ने पर इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन