मझगईं। खेत में रखवाली करने गए मजदूरों के सामने अचानक बाघ आ गया। बाघ को सामने देख मजदूरों के होश उड़ गए। ट्राली पर बैठे मजदूरों ने हिम्मत जुटाते हुए शोर मचाकर बाघ को भगाया। हालांकि, वन विभाग इसे तेंदुआ बता रहा है।
थाना क्षेत्र के बल्लीपुर गांव निवासी अभिषेक अवस्थी का खेत गांव के दक्षिण खैरा फार्म में हैं। गेहूं की कटाई चल रही है। फसल को बचाने के लिए करीब आधा दर्जन मजदूर फसल की रखवाली कर रहे थे। रात करीब एक बजे कुछ दूरी पर बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनकर सभी मजदूर डर गए।
हिम्मत जुटाकर थोड़ा आगे जाकर देखा तो बाघ दिखा। इस पर मजदूरों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। मजदूरों की संख्या अधिक होने और उनके ट्राली पर होने के कारण बाघ ने किसी पर हमला नहीं किया। कुछ देर रुकने के बाद बाघ वहां से चला गया। किसान अभिषेक अवस्थी ने बताया कि बाघ और तेंदुआ खेतिहर इलाके में घूम रहे हैं। जिससे किसान अपने खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।
रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं। खैरा वन ब्लॉक के आसपास तेंदुआ घूम रहा है जो कभी-कभार खेतों की तरफ आ जाता है। लेकिन, उसने अभी तक हमला नहीं किया है। गश्त बढ़ा दी गई है।
पिंजड़े से बाहर बंधे कुत्ते का तेंदुए ने किया शिकार
मझगईं। पिंजड़े के बाहर बांधे गए कुत्ते को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया।
रेंजर अंकित सिंह ने कैमरे लगाने के साथ चौखड़ा फार्म की नर्सरी के पास पिंजड़ा लगाया गया था। पिंजड़े के अंदर एक कुत्ता भी वन कर्मियों ने बांधा था, लेकिन तेंदुआ पिंजड़े के अंदर नहीं घुसा। जिसके बाद वन कर्मियों ने कुत्ते को पिंजड़े से बाहर निकालकर बांधा तो तेंदुआ ने उसका शिकार कर लिया। रेंजर ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश कई दिनों से की जा रही है, लेकिन तेंदुआ कैद नहीं हो रहा है। संवाद
मझगईं के खैरा फार्म के एक खेत में मिले बाघ के पगचिन्ह। संवाद