पलिया के बसंतापुर खुर्द के छेदनिपुरवा गांव में बुधवार रात बाघ ने एक बछड़े को मार डाला। इसकी जानकारी होने पर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने दुधवा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने बाघ को जल्द पकड़े जाने की मांग की।
लखीमपुर खीरी जिले में पलिया के बसंतापुर खुर्द समेत आसपास के गांवों में बीते दो माह से बाघ की दहशत है। बुधवार की रात छेदनिपुरवा गांव में बाघ ने बछड़े को मार डाला। इसकी जानकारी होने पर बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पलिया स्थित दुधवा मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। बाघ को जल्द पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बाघ जल्द नहीं पकड़ा गया तो ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।
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बसंतापुर खुर्द के छेदनिपुरवा गांव में बुधवार रात जसविंदर कौर के फार्म पर बाघ आ गया। उसने हमला कर बछड़े को मार डाला। बृहस्पतिवार को सुबह जब ग्रामीण शौच के लिए खेत की तरफ गए तब उन्होंने मृत बछड़ा पड़ा देखा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चार बार रेंजर को फोन किया गया लेकिन न तो वो खुद आए और न ही टीम को भेजा। इससे गुस्साए ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉलियों से दुधवा तिराहा स्थित दुधवा मुख्यालय पहुंच गए। यहां प्रदर्शन करने के साथ वन विभाग पर मामले में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया।
मझगईं रेंजर अंकित कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और सुरक्षा के इंतजाम करने की बात कही। इसपर ग्रामीण नहीं माने और जल्द से जल्द बाघ को पकड़ने की मांग उठाई। इस बारे में रेंजर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि दो पिंजड़े लगाए गए हैं। इसमें एक पिंजड़ा बसंतापुर कलां और दूसरा सेमरीपुरवा में लगाया गया है। पांच कैमरे भी लगवा दिए गए हैं। बाकी ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा गया है।