धौरहरा। ईसानगर क्षेत्र में ग्राम राजापुर के पास घाघरा नदी के किनारे कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले प्राचीन ठुठवा मेला बुधवार से शुरू होगा। इस दाैरान घाटों पर हजारों श्रद्धालु स्नान करेंगे। उनकी सुरक्षा के लिए जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। चार दिवसीय आयोजन में 4000 के आसपास दुकानें लगती हैं।
करीब आधा किमी दूरी के क्षेत्रफल में फैले इस मेले में प्रमुख रूप से लकड़ी के फर्नीचर, कपड़ों और बर्तनों की दुकानें लगती हैं। इन पर जमकर खरीदारी होती है। स्नान के लिए मेले से एक किलोमीटर दूर नौ घाट बनाए जा रहे हैं। प्रशासन ग्राम पंचायत के माध्यम से घाटों की बैरिकेडिंग करा रहा है। इसमें प्रधान रामेंद्र सिंह सहयोग कर रहे हैं। इन घाटों की निगरानी फ्लड पीएसी के अलावा एनडीआरएफ टीम नाव से करेगी। सोमवार को मेले की तैयारियों का निरीक्षण विधायक धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी, एसडीएम शशिकांत मणि और सीओ शमशेर बहादुर सिंह ने किया और दिशा-निर्देश दिए।
ईसानगर थानाध्यक्ष निर्मल तिवारी ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 12 उपनिरीक्षक, 22 हेड कांस्टेबल, 50 कांस्टेबल, 22 महिला कांस्टेबल, डेढ़ सेक्शन पीएसी, एक फायर ब्रिगेड और ट्रैफिक जवानों के साथ ईसानगर, खमरिया व धौरहरा थाने की पुलिस तैनात रहेगी।
श्रद्धालुओं के स्नान के समय नदी में एनडीआरएफ की टीम मोटर बोट के साथ निगरानी रखेगी। मेले में अस्थायी पुलिस चौकी बनेगी, जो सीसी कैमरे से चप्पे-चप्पे पर नजर रखेगी।
थाना अध्यक्ष निर्मल तिवारी ने बताया कि यह धार्मिक आस्था का मेला है। यहां काफी संख्या में साधु-संतों के अलावा कल्पवासी साधना करने आते हैं। इस वजह से मेले में जुए के फड़, अंडा-मीट और शराब की दुकानें नहीं लगेंगी। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीडीओ ने लगाए 15 सफाई कर्मी
खंड विकास अधिकारी ईसानगर धन प्राप्त ने बताया कि मेले में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए 15 सफाई कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है, जो साफ-सफाई के साथ-साथ श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करेंगे।
इस बार नहीं लगेगा स्वास्थ्य शिविर
मेले में हर वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक शिविर लगाया जाता था, लेकिन इस बार शिविर का आयोजन नहीं लगेगा। ईसानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक अमित सिंह ने बताया कि मेले में केवल एक एंबुलेंस तैनात रहेगी, जो आपात स्थिति में मरीजों को प्राथमिक उपचार व अस्पताल तक पहुंचाने की सुविधा देगी। अभी स्वास्थ्य शिविर के लिए कोई आदेश नहीं आया है।
ठुठवा मेले में लगने लगे झूले सर्कस। संवाद