लखीमपुर खीरी। गढ़ी उपकेंद्र की 33केवी अंडरग्राउंड लाइन शिफ्ट करने के लिए रविवार को तीन घंटे तक बिजली कटौती का रोस्टर था, लेकिन छह घंटे से भी अधिक समय तक बत्ती गुल रही।
भीषण गर्मी और नवरात्र में छह घंटों से अधिक आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं का हाल बेहाल हो गया। सुबह मोटर नहीं चल पाने की वजह से पानी का भी संकट गहरा गया। खास बात ये रही कि विभागीय अफसरों ने अपने-अपने नंबर तक बंद कर लिए।
गढ़ी की 33 केवी अंडरग्राउंड लाइन शिफ्टिंग होनी थी। इस वजह से रविवार सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक कटौती का रोस्टर जारी था। कटौती का रोस्टर विभाग की ओर से गढ़ी पाॅवर हाउस के ग्रुप पर शनिवार शाम करीब साढ़े 7:44 बजे डाल दिया गया था।
कुछ उपभोक्ताओं ने वायरल पत्र को देखकर पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं पहले ही कर ली, लेकिन अधिकांश लोगों को कटौती की जानकारी तक नहीं थी। उन्हें ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह तय समय पर कटौती तो कर दी गई, नियत समय पर बत्ती न आने से लोगों में गुस्सा देखने को मिला।
कटौती सुबह 10:30 बजे तक थी, लेकिन बत्ती दोपहर एक बजे के बाद आई। इससे मोहल्ला गढ़ी, मेला मैदान, हाथीपुर, हाथीपुर उत्तरी, निर्मलनगर, शात्रीनगर, इमली चौराहा, सिविल लाइन आदि सभी फीडरों की आपूर्ति ठप रही।
सुबह से दोपहर तक बिजली न मिलने से लोगों के घरों में पानी तक खत्म हो गया, जबकि मौजूदा समय में नवरात्र चल रहे हैं। ऐसे में लोगों को ज्यादा परेशानी हुई।
उपभोक्ताओं ने अफसरों से बिजली संकट की जानकारी चाही, लेकिन अफसरों ने अपने-अपने नंबर बंद कर लिए। अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह व गढ़ी उपकेंद्र के एसडीओ नीलक्ष मनोष के मोबाइल फोन बंद रहे। मात्र जेई आशीष कनौजिया का नंबर खुला था, जिनसे बात हो सकी।
झुक गई थी लाइन, सही करने में लग गया समय ः गढ़ी उपकेंद्र के जेई आशीष कनौजिया ने बताया कि काम तो समय पर हो गया था, लेकिन काम के दौरान अचानक लाइन झुक गई थी। उसे ठीक कराने में दो से ढ़ाई घंटे अतिरिक्त लग गए। ट्रैक्टर की मदद से लाइन को खींचा गया। काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काम पूरा होते ही लाइन चालू करा दी गई।