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34 लाख की बरामदगी के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

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नीमगांव में हुई लाखों की लूट के खुलासे की जानकारी देते एसपी संजीव सुमन।
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सिकंद्राबाद-लखीमपुर हाईवे पर बुधवार को व्यापारी से हुई थी लूट
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लखीमपुर/ सिकंद्राबाद। थाना नीमगांव क्षेत्र में बुधवार को व्यापारी से हुई लाखों की लूट के मामले का खुलासा करते हुए पुुलिस ने 34.33 लाख की नकदी बरामद कर ली है। साथ ही तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभियुक्त अभी फरार हैं। पुलिस ने घटना में प्रयोग की गईं दोनों बाइक भी बरामद कर ली हैं। यहां बता दें कि इस मामले में पुलिस ने शुरूआत से ही लापरवाही बरती। बाद में कोतवाल को सस्पेंड कर दिया गया।
पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए एसपी संजीव सुमन ने बताया कि लखीमपुर के मोहल्ला काशीनगर निवासी व्यापारी राकेश अग्रवाल बुधवार की सुबह कार से जा रहे थे। सिकंद्राबाद-लखीमपुर हाईवे पर दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने तमंचे के बल पर लाखों की लूट की थी, जिसके बाद नीमगांव पुलिस इसे शुरुआत में मारपीट का मामला बता रही थी। वहीं वादी व्यापारी भी लूट के संबंध में पुलिस को तहरीर नहीं दे रहा था। घटना वाले दिन ही पुलिस ने कार चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
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बृहस्पतिवार को मामले का संज्ञान लेते हुए आईजी ने रिपोर्ट दर्ज करने में हुई देरी के चलते कोतवाल राजकरन शर्मा को सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। हालांकि तहरीर में वादी ने धनराशि कितनी थी, इसका खुलासा नहीं किया।
शुक्रवार को एसपी संजीव सुमन ने बताया कि सीओ मितौली अभय प्रताप मल्ल के नेतृत्व में स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस ने चालक फारूक निवासी सुआगाड़ा थाना कोतवाली सदर, उमेश उर्फ रामू और उमर निवासी लकेशर थाना फरधान को नीमगांव क्षेत्र में अमघट मोड़ से गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई रकम में 34 लाख 33 हजार 500 रुपये, तमंचा और एक मोबाइल बरामद कर लिया, जबकि आरोपी जितेंद्र और कृपाल निवासी लकेशर थाना फरधान फरार हैं।
एसपी ने बताया कि फारुख मूल रूप से सीतापुर जिले का रहने वाला है। वह कुछ सालों से लखीमपुर के सुआगाड़ा में रह रहा है। फारूख के खिलाफ लखीमपुर में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं उमेश और उमर के खिलाफ हरदोई में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों का चालान कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया।
दर्ज रिपोर्ट में भी सही रकम का नहीं किया था व्यापारी ने खुलासा
व्यापारी राकेश अग्रवाल से लूट की घटना के बाद पुलिस इस मामले को दबाने में जुटी रही और लूटी गई रकम के बारे में स्पष्ट जानकारी होने से इंकार करती रही। वहीं जब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो इंस्पेक्टर राजकरन शर्मा पर निलंबन की कार्रवाई हो गई। इसके बाद मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन उसमें भी लूटी गई रकम के बारे में गोलमोल ही बातें लिखी गईं। इस दौरान सूत्रों के हवाले से 40 लाख रुपये की लूट होने की बात सामने आई, लेकिन पुलिस इस बात से इंकार करती रही, बल्कि शुरूआत में व्यापारी ने चार लाख की लूट होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस उसे मारपीट का मामला बता रही थी। अभियुक्तों की गिरफ्तारी होने के साथ 34.33 लाख रुपये बरामद हुए, जिससे स्पष्ट है कि बदमाशों ने 40 लाख रुपये की लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इतनी बड़ी लूट की घटना होने से पुलिस के हाथ-पांव भी फूूल गए थे। वहीं व्यापारी भी लूटी गई रकम के बारे में साफ जानकारी देने से इंकार करते रहे।
अपराधी को विश्वासपात्र बनाना प्लाईवुड व्यापारी को पड़ा भारी
प्लाईवुड के व्यापारी राकेश अग्रवाल ने अपराधी फारूख को अपना ड्राइवर बनाया था, जो 2017 में जेल से छूटने के बाद से व्यापारी के यहां काम कर रहा था। व्यापारी जब भी बिजनेस के सिलसिले में बाहर निकलता था, तब फारूख को बतौर ड्राइवर अपने साथ ले जाता था। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि फारूख के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी व्यापारी को भी थी, फिर भी वह उसे अपना ड्राइवर बनाए हुए थे। व्यापारी के पास बड़ी रकम होने पर फारूख ने लूटकांड को अंजाम दे दिया।
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एसआई करुणाशंकर मिश्रा को मिला थाना नीमगांव का चार्ज
थाना नीमगांव के प्रभारी निरीक्षक राजकरन शर्मा को आईजी ने बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद अब तक किसी की तैनाती रिक्त पद पर नहीं हुई है। इससे थाने का चार्ज एसआई करुणाशंकर मिश्रा को दिया गया है।
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