लखीमपुर खीरी। शहर में राहगीरों और बाहर से आने वाले लोगों को सही रास्ता बताने के लिए लगाए गए दिशा संकेतक (साइन बोर्ड) अब कई जगह भ्रम पैदा कर रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर लगे कई संकेतकों की दिशा बदल चुकी है, जबकि कुछ टेढ़े होकर वास्तविक मार्ग से अलग दिशा दिखा रहे हैं। इससे पहली बार शहर आने वाले लोगों को रास्ता तलाशने में दिक्कत हो रही है।
नगर पालिका की ओर से अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, प्रमुख बाजार, सरकारी कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंच आसान बनाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर दिशा संकेतक लगाए गए थे। पड़ताल में सामने आया कि कई संकेतक अब अपनी सही दिशा में नहीं हैं। कहीं वे घूम गए हैं तो कहीं टेढ़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं कराई गई।
एलआरपी चौराहा : यहां लगा संकेतक लखनऊ, गोला, बहराइच और लखीमपुर का मार्ग दर्शाता है, लेकिन वर्तमान में यह गलत दिशा की ओर इशारा कर रहा है। लखनऊ और बहराइच का रास्ता एक ही दिशा में दर्शाया गया है, जबकि दोनों के मार्ग अलग-अलग हैं। गोला और लखीमपुर के संकेत भी तिरछे नजर आए।
सौजन्या चौराहा : यहां विकास भवन और गुरु गोविंद चौक के लिए अलग-अलग दिशा दर्शाई गई है, जबकि दोनों स्थान एक ही मार्ग पर हैं। हालांकि कलक्ट्रेट और खीरी रोड की दिशा सही मिली।
शाहपुरा कोठी चौराहा : यहां लगे संकेतक में हिदायत नगर का मार्ग सही दर्शाया गया, लेकिन अधिशासी अभियंता आवास की दिशा विलोबी की ओर बताई गई, जबकि उस दिशा में अधिशासी अभियंता आवास नहीं है।
गुरु गोविंद सिंह चौक : यहां लगा दिशा संकेतक सही स्थिति में मिला।
पड़ताल में यह भी सामने आया कि बड़ा चौराहा, नहरिया चौराहा, नौरंगाबाद चौराहा और मेला मैदान चौराहे जैसे प्रमुख स्थानों पर दिशा संकेतक नहीं मिले।
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हल्की पत्ती होने से घूम रहे संकेतक
नगर पालिका के सूत्रों के अनुसार करीब दो वर्ष पहले लगाए गए संकेतकों में हल्की पत्ती का उपयोग किया गया है, जो तेज हवा में घूम जाती है। कई लोगों ने इसकी शिकायत भी की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के निवासी तो रास्तों से परिचित होते हैं, लेकिन बाहर से आने वाले लोग दिशा संकेतकों पर ही निर्भर रहते हैं।
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सौजन्या चौराहा पर लगा संकेतक में विकास भवन का मार्ग गलत बता रहा। संवाद
सौजन्या चौराहा पर लगा संकेतक में विकास भवन का मार्ग गलत बता रहा। संवाद