लखीमपुर खीरी/धौरहरा। जिले में खाद संकट के बीच मंगलवार को नेटवर्क की बड़ी समस्या सामने आई। सर्वर ठप होने से जिले की सभी 144 सहकारी समितियों पर किसानों को खाद नहीं मिल सकी। सुबह कुछ देर नेटवर्क चलने पर कुछ किसानों को खाद वितरित हुई, लेकिन इसके बाद वितरण ठप हो गया। पूरे दिन इंतजार के बाद अधिकांश किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
धौरहरा, ईसानगर, रमियाबेहड़, भीखमपुर, बेहजम, गोला, मितौली, मैगलगंज समेत जिले की सहकारी समितियों पर खाद वितरण के लिए लगी बायोमीट्रिक मशीनें नहीं चलीं। अंगूठे का सत्यापन न होने से खाद वितरण प्रभावित रहा। सुबह से समितियों पर किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिल सकी।
इन दिनों धान, गन्ना और केले की फसलों में यूरिया की अधिक जरूरत है। किसान कई दिनों से खाद का इंतजार कर रहे हैं। पहले खाद की कमी और अब सर्वर की समस्या से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई है। किसानों का कहना है कि समितियों पर खाद उपलब्ध होने के बावजूद बायोमीट्रिक सत्यापन न होने से वितरण नहीं हो सका।
धौरहरा समिति के सचिव शिवा त्रिवेदी ने बताया कि समस्या की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। बी-पैक्स ग्रंट-18 छत्तीपुर समिति पर भी सुबह से किसान परेशान रहे। भीखमपुर साधन सहकारी समिति में यूरिया पहुंचते ही किसानों की भीड़ लग गई। समिति सचिव संजय सिंह ने बताया कि टोकन के आधार पर करीब 150 किसानों को यूरिया वितरित की गई, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण वितरण प्रभावित रहा।
जिले में 23,084 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में वर्तमान में 23,084 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसमें 12,040 मीट्रिक टन सहकारी समितियों पर है, जबकि शेष खाद जिले की करीब 1,000 निजी दुकानों पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भारत सरकार के फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (एफएमएस) पोर्टल का सर्वर ठप रहने से खाद वितरण प्रभावित हुआ। विभाग ने कई समितियों और निजी दुकानों का निरीक्षण किया, लेकिन सभी जगह सर्वर संबंधी दिक्कत मिली।
सर्वर खराब होने से खाद वितरण में दिक्कत आई। यह पूरे प्रदेश की समस्या है और उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। बुधवार शाम तक सर्वर ठीक होने की उम्मीद है। -प्रवीण कुमार, एआर, को-ऑपरेटिव