लखीमपुर खीरी। जनपद में वक्फ संपत्तियों का रिकाॅर्ड उम्मीद पोर्टल पर चढ़ाना है, लेकिन रिकॉर्ड और मुतवल्ली न मिलने के कारण यह कार्य नहीं हो पा रहा है। जनपद में अब तक मात्र नौ प्रतिशत ही संपत्तियां ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया में हैं। जबकि 91 प्रतिशत संपत्तियों की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। जबकि, इसकी अंतिम तिथि पांच दिसंबर है।
जनपद में 2,620 वक्फ संपत्तियां हैं, इसमें अब तक मात्र 214 ही ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया आई हैं। इसमें शिया की 20 और सुन्नी की 194 संपत्तियां शामिल हैं। जबकि, 2416 संपत्तियों के ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी।
सरकार की ओर से वक्फ संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक किया गया है। लेकिन कहीं वक्फनाम, खसर खतौनी, नक्शा आदि की अड़चन आड़े आ रही हैं तो कई संपत्तियों का रिकॉर्ड ही नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि जिले में ऑनलाइन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
बैठकों को अलावा कराया जा रहा प्रचार-प्रसार
शासन के निर्देश पर अफसरों ने वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन कराए जाने के संबंधित कई बार बैठकें कीं। इसका लगातार प्रचार-प्रसार कराया जा रहा, लेकिन फिर भी ऑनलाइन प्रक्रिया धीमी है। अगर ऐसा ही रहा तो संपत्तियों को ऑनलाइन कराने में कई वर्ष बीत जाएंगे।
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एक नजर वक्फ संपत्तियों
जनपद में ईदगाह 131, कब्रिस्तान 1464, मजार 67, कर्बला 199, मस्जिद 518, इस्लामिया स्कूल 8, बाग 3, मदरसा 69, वक्फ मुसम्मात 10, वक्फ मे मैदान 1, प्लाट व मकान 27, वक्फ आराजी 64, वक्फ दुकान 4, वक्फ निजी नाम से 40, वक्फ ऐनोटी 2, वक्फ गुरखेत 5, इमामबाड़ा 5, रोजा 1, वक्फ मकबरा 1, मुसाफिर खाना 1 हैं।
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मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
-वक्फ संपत्तियों को ऑनलाइन कराए जाने से संबंधित अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1800110150 व ई-मेल- support-umeedgov.in व उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से हेल्पलाइन नंबर 05223132567 व ई-मेल- helpupscwbumeedgmail.com जारी किया गया। साथ ही जिलास्तर से भी हेल्पलाइन नंबर जारी है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कतें न आए।
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वर्जन
वक्फ संपत्तियों को ऑनलाइन कराने जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे। कई बार बैठकें की जा चुकी हैं। प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए। लगातार प्रयास जारी है।
-रोहित कुमार, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी