फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीच बचाव कराने गए युवक की पीटकर हत्या, तीन लोग गिरफ्तार

विज्ञापन
बीरु (फाइल फोटो)
विज्ञापन
खमरिया गांव का मामला, मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
विज्ञापन

गांव के पश्चिम में स्थित बीर बाबा के स्थान पर भागवत के लिए चंदा जुटाने के दौरान हुई घटना
महेवागंज/ सुंदरवल। थाना क्षेत्र के खमरिया गांव में मारपीट के दौरान दबंगों ने एक युवक को पीटकर अधमरा कर दिया। युवक की इलाज के लिये लखनऊ ले जाते वक्त मौत हो गई। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर उन्हें गिरफ्तार किया है।
खमरिया गांव के पश्चिम में स्थित बीर बाबा के स्थान पर शुक्रवार शाम को भागवत कथा शुरू होनी थी, जिसकी तैयारियां की जा रही थीं। शुक्रवार दोपहर में भागवत कथा के लिए चंदा भी जुटाया जा रहा था। इसी दौरान गांव के ही राजेश पुत्र रामेश्वर व मुनीजर से शराब के नशे में कहा सुनी के बाद मारपीट होने लगी। मारपीट में मुनीजर और उसके लड़कों अमित और अखिलेश ने राजेश पर लाठियों से हमला कर दिया। इसी दौरान राजेश का भतीजा बीरू (21) पुत्र पूरन खेत की रखवाली कर वापस घर आ रहा था। शोर सुनकर वह भी मौके पर पहुंच गया और चाचा राजेश को लहूलुहान देखकर बचाने के लिए लड़ाई में कूद पड़ा। आरोपियों ने बीरू को भी लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। सिर में लाठी लगने से बीरू वहीं बेहोश हो गया।
विज्ञापन

घायल अवस्था में चाचा-भतीजे को परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां बीरू की हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। लखनऊ ले जाते समय हरगांव (सीतापुर) के पास उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पिता की तहरीर पर गांव के ही मुनीजर, अमित और अखिलेश के खिलाफ मारपीट और गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन


छोड़ देने की मिन्नत पर भी आरोपी बरसाते रहे लाठियां
महेवागंज। जवान बेटे की मौत से घर के लोग सदमे में हैं। वहीं गांव में सन्नाटा पसरा है। शायद बीरू को यह अंदाजा भी न था कि बीच-बचाव की कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ेगी। निहत्था बीरू चाचा राजेश को छोड़ देने की मिन्नतें करता रहा पर नशे में धुत्त आरोपियों के सिर पर तो खून सवार था। उन्होंने निहत्थे बीरू पर भी लाठियां बरसाने से गुरेज नहीं किया। दोनों की दुर्गति करने के बाद ही आरोपियों का कलेजा ठंडा हुआ। इस हमले में घायल बीरू की मौत के बाद गांव में एहतियातन पुलिस तैनात है। मृतक चार भाइयों में सबसे बड़ा था। नाममात्र की खेती होने के कारण बीरू मजदूरी में पिता का हाथ भी बंटाता था। युवक की मौत से अचानक परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। घरवालों का रो रोकर बुरा हाल है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें