- लेखपालों की हड़ताल 15वें दिन भी जारी, निकाला मशाल जुलूस
छह सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों का 15 दिन से चल रहा आंदोलन और तेज हो गया है। लेखपालों ने सोमवार को धरनास्थल नसीरुद्दीन मौजी भवन के प्रांगण में सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन किया। इससे पहले बीती शाम नारेबाजी करते हुए शहर में मशाल जुलूस निकाला। लेखपालों ने मांगे पूरी होने तक अपना आंदोलन जारी रखने का एलान दोहराया।
लेखपाल अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर पिछले 15 दिन से हड़ताल पर हैं। उनकी मांगों में लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर करने, लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक और शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-202000 ग्रेड पे 2800 रुपया करने, लेखपाल संवर्ग का कॉडर पहले की तरह जिलास्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन करने आदि महत्वपूर्ण मांगेें शामिल हैं।
लेखपालों ने सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन करने से पहले धरना सभा की। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने की। संचालन मंत्री अतुल बाजपेयी ने किया। धरनास्थल पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, मिनिस्टीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ, कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा और कर्मचारी महासंघ, उत्तर प्रदेश चकबंदी लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने पहुंचकर लेखपालों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
धरना प्रदर्शन में दाताराम, जसकरन लाल वर्मा, दीपक वर्मा, कैलाश चंद्र, कौशल किशोर, कमल कुमार सिंह, वेदप्रकाश गुप्ता, बसंत मिश्रा, रमाकांत मिश्र, आलोक गुप्ता, राम किशोर, शिव कुमार सिंह, साजिद खां, राहुल, ओम प्रकाश, नाथूराम राना, शशि तोमर, सतीश श्रीवास्तव, श्याम किशोर श्रीवास्तव, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।