नयागांव के पश्चिम और रामदीनपुर गांव के दक्षिण गन्ने के खेतों में कई दिनों से विचरण कर रहे बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे है। निगरानी में लगे वन कर्मियों ने ग्रामीणों संग गन्ने से खेतों में पटाखे दगाकर कांबिंग की, जिसकी लोकेशन कठिना नदी के पास पाई गई।
रेंजर एसएन यादव ने बताया कि रामपुर गांव के पास नीलगाय को निवाला बनाने और नयागांव के पश्चिम मौलाबक्स, समीउद्दीन के खेत में किसी वन्य जीव का खून पड़ा मिलने के बाद बाघ की निगरानी के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। गांव वालों की माने तो बाघ अभी तक गन्ने के खेतों में मौजूद है, जिसके पगचिन्ह् मिल रहे हैं। रेंजर का कहना है कि बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास हो रहा है। सशस्त्र वनकर्मियों की टीमें पटाखे दगाकर बाघ का रुख जंगल की ओर मोड़ने में लगी है। बताया कि इस बाघ की तस्वीर कैमरों में कैद नहीं हो पाई है, लेकिन मिल रहे पगचिन्हें के आधार पर उसकी लोकेशन अभी गन्ने के खेतों में ही 0मिल रही है। बाघ की दहशत में नयागांव, बिहारीपुर फार्म, महेशपुर, रामदीनपुर, मोतीपुर, तूलमेगंज आदि गांव के लोग खेतों की तरफ नहीं जा पा रहे है। यहां तक किसानों के खेतों में गन्ने की छिलाई फसलों की सिंचाई ठप चल रही है। कुछ किसान खेतों में अलाव जलाकर जैसे तैसे फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।