बाघ की निगरानी करते ग्रामीण,साथ में मौजूद वन कर्मी। संवाद।
- फोटो : जय प्रताप उर्फ अंशुल की फाइल फोटो ।
बांकेगंज। मैलानी वन रेंज जंगल के बरौंछा नाले से निकलकर ढाका आबादी के पास पहुंचा बाघ खेत में चर रही गाय को उठा ले गया। चरवाहों के शोर मचाने पर वह झाड़ियों में छिप गया।
ढ़ाका गांव निवासी कुसुमा देवी सोमवार दोपहर आबादी के पास खेत में अन्य चरवाहों के साथ अपनी पालतू गाय को चराने ले गईं। इस दौरान बरौंछा नाले से निकला एक बाघ ने उनकी गाय को जबड़े में दबाकर उठा ले गया। यह देख चरवाहों के होश उड़ गए।
उनके शोर मचाने पर वह झाड़ियों में छिप गया। ग्रामीणों की सूचना पर घटनास्थल पर वन कर्मियों की टीम के साथ पहुंचे फॉरेस्टर राजाराम, हरेंद्र सिंह ने पगचिह्न देखकर बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की। ग्रामीणों ने आबादी के पास मौजूद बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़े जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के पास बाघ की मौजूदगी से वे दहशत में हैं। वह खेतों की ओर नहीं जा पा रहे हैं। इस वजह से फसलों की रखवाली के साथ गेहूं की फसल की कटाई का काम भी चौपट हो रहा है, वन विभाग की टीम सिर्फ निगरानी करने तक सीमित है।
रेंजर मैलानी साजिद हसन ने बताया कि ढ़ाका गांव के पास बाघ के गाय को उठा ले जाने की सूचना मिली है। निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए। दोबारा बाघ दिखने पर इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।