लखीमपुर खीरी। शहर में एक ओर जर्जर पाइपलाइनों से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, तो दूसरी ओर सरकारी हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। ऐसे में नागरिकों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मोहल्लों के साथ-साथ मुख्य मार्गों पर लगे नल भी काम नहीं कर रहे हैं।
हालांकि, नगर पालिका की ओर से प्रतिदिन पाइपलाइनों की मरम्मत कराए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में करीब 13 सौ से ज्यादा नल लगे हैं और शिकायत मिलने पर उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाता है।
शहर के मुख्य स्थानों और मोहल्लों में लगे करीब 13,82 इंडिया मार्का हैंडपंपों में अधिकांश खराब हैं। कुछ के हत्थे तो कुछ टूटे पड़े है। ऐसे में पानी नहीं मिलने से लोगों को दिक्कत हो रही है। नगर पालिका के जलकल विभाग के सहायक अभियंता का दावा है कि लगातार हैंडपंपों की मरम्मत कराई जा रही है।
बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में देखा गया कि संकटा देवी चौराहे पर लगा नल काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। दुकानदार बताते हैं कि ऐसे में लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
वहीं, गुरु गोबिंद चौक के सामने लगा हैंडपंप भी खराब है, यहां काफी संख्या में लोग आते हैं। इस जगह तमाम ठेले, खोमचे वालों को पानी की जरूरत रहती है। इसके अलावा टैक्सी स्टैंड के सामने तिराहे पर लगा नल भी खराब मिला, यहां भी लोगों का ठहराव रहता है।
अगर, मोहल्लों की बात करें तो ईदगाह, शमशेर नगर, गोटय्याबाग, नई बस्ती, काशीनगर, आवास विकास, हाथीपुर, गंगोत्री नगर, शिव कॉलोनी, हिदायत नगर, शाहपुरा कोठी में भी हैडपंप खराब पड़े हैं।
गोटय्याबाग वार्ड में कुल 22 नल हैं। इसमें करीब छह खराब हैं। महाराजनगर में 20 में 12 खराब हैं, जिन्हें रिबोर होना है। नई बस्ती में 13 में छह नल खराब पड़े हैं। इसी तरह हर वार्ड में खराब नलों का संख्या है, जो शिकायत के बाद भी नहीं सुधर रही है। संकटा देवी चौराहे पर मौजूद दुकानदार इमरान ने बताया कि यह नल बहुत समय से खराब पड़ा है। इस चौराहे पर इसकी काफी आवश्यकता है। उधर टैक्सी स्टैंड पर कई दुकानदारों हनीफ, राजेश और मनोज ने बताया कि यह नल खराब था, बीच में ठीक कराया गया था फिर से खराब हो गया है। गुरु गोबिंद सिंह चौक के पास दुकानदार रोहित ने बताया कि वह इस जगह अक्सर दुकान लगाते हैं। यह नल बहुत दिन से खराब है।
शहरभर में 1,382 हैंडपंप लगे हुए हैं। हर माह करीब 30 हैंडपंप मरम्मत किए जाते हैं। जब भी कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो उन्हें तत्काल सही करा दिया जाता है। कुछ नल ऐसे खराब पड़े हैं, जिन्हें बनाया गया दोबारा खराब हो गए। कुछ आर्सेनिक युक्त नल भी शहर में खराब हैं, जिन्हें उखाड़ा नहीं गया है। उनकी मरम्मत नहीं की जा सकती है।
- जितेंद्र सिंह, सहायक अभियंता, जलकल विभाग, नगर पालिका लखीमपुर
संकटा देवी चौराहे पर खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद
संकटा देवी चौराहे पर खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद