लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बढ़ती भीड़ की वजह से अस्पताल की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। ओपीडी के लिए सुबह आठ बजे से लाइन में लगे मरीज कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चिकित्सक पहुंच पा रहे हैं। वहीं अधिकांश मामलों में उन्हें जांच कराने को कहकर अगली बार बुलाया जाता है। इससे मरीजों काे उसी दिन इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सोमवार को 1300 नए मरीजों सहित करीब 1800 मरीजों की ओपीडी रही। सुबह आठ बजे से पर्चा काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद किसी तरह पर्चा बना तो ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के सामने मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ा। भीड़ की वजह से चिकित्सकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक भीड़ सर्जन सीएमएस डॉ. आरके कोली, फिजिशियन रोहित पाठक, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेन्द्र गौतम, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश शुक्ला, ईएनटी डॉ. मनोज शर्मा व आंख रोग की डॉ. पूनम वर्मा के पास रही। किसी तरह मरीजों ने चिकित्सकों को दिखाया तो उन्हें जांच लिख दी गई। पैथोलॉजी सहित अन्य जांचों के लिए भी मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ता है। रिपोर्ट मिलने में समय लग जाता है, ऐसे में उनकी बीमारी का इलाज भी देर से शुरू हो पाता है।
बहुत लंबी लाइन लगी है। करीब दो घंटे पहले से लाइन में लगे हैं। अब तक पर्चा नहीं बन पाया है। पर्चा बने तो डॉक्टर को दिखा पाएं। अस्पताल प्रशासन को पर्चा काउंटर बढ़ाने चाहिए।
विनीत वर्मा, खम्भारखेड़ा
करीब 60 किलोमीटर की दूरी से बहन को दिखाने आए हैं। सीएचसी पर दिखाया तो फायदा नहीं हुआ। यहां काफी देर से लाइन में लगे हैं, पर्चा बनने में ही दो घंटे लगे रहे हैं। इससे मरीज को भी परेशानी हो रही है।
सुमेश, बिहारीपुरवा
कोर्ट गए रेडियोलॉजिस्ट, ठप रही अल्ट्रासाउंड की सुविधा
सोमवार को जहां ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही। वहीं रेडियोलॉजिस्ट के न होने से अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचे मरीजों को वापस बैरंग लौटना पड़ा। अस्पताल प्रशासन की तरफ से रेडियोलॉजिस्ट के कोर्ट में जाने को लेकर जांच सुविधा ठप रहने की नोटिस चस्पा कर दी। चूंकि जिला अस्पताल व महिला अस्पताल का चार्ज एक ही रेडियोलॉजिस्ट डॉ. डीके पुष्कर के पास है। अक्सर उन्हें कोर्ट भी जाना पड़ता है, ऐसे में दोनों ही अस्पतालों में मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है। पर्चा काउंटर की संख्या भी पहले की अपेक्षा बढ़ा दी गई है। ऑनलाइन पर्चा बनने में थोड़ा समय लग रहा है। चिकित्सक भी पहले की अपेक्षा बढ़ा दिए गए हैं।
डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल
ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद