गोला गोकर्णनाथ। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन नगर के एक लॉन में हुआ। इसमें दूर-दराज से आए कवियों ने काव्यपाठ किया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ विधायक अमन गिरि, राष्ट्रीय कुर्मी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, सदस्य जिला पंचायत पटेल शिखा अशोक कनौजिया ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया।
लखनऊ की हेमा पांडे ने कहा कि सब लोग अपने दिल से नफरतों को त्याग देंं। मेरी है प्रार्थना यही हिंदुस्तान से। बाराबंकी के हास्य कवि प्रदीप महाजन ने कहा कि करना है प्यार भाई बहन से कीजिए, माता-पिता से अपने सब स्वजन से कीजिए। लखीमपुर से आए अनिल अमल ने कहा- पांच सदी तक लड़े अनवरत, लाखों हैं बलिदान दिए, कितनी पीढ़ी बीत गई, है मंदिर का अरमान लिए। श्रीकांत तिवारी कांत ने कहा- मेरे सपनों की कहानी हो गई, कोई आज फिर पीर दीवानी हो गई।
हाथरस के हास्य के कवि देवेंद्र दीक्षित शूल ने कहा, चारों तरफ हों शूल मत दामन बचाइए, आप भी गुलाब जैसे मुस्कराइए। मुनेंद्र प्रताप मंजुल ने कहा- हम चुनाव कर लेंगे बेहतर लोगों से, हमको हिंदुस्तान बनाना आता है। बाराबंकी के राष्ट्रवादी कवि ओपी वर्मा ओम ने कहा- आरती पुकारती मां कहती है, बार-बार एक-एक पुत्र मेरा बोले वंदे मातरम, रंग द्वेस भेदभाव जाति धर्म छोड़कर सब प्रेम रस राष्ट्र का बोले वंदे मातरम्।
इनके अलावा शाहजहांपुर के डाॅ. इंदू अजनबी, पूरनपुर की गीता राठौर, कवि राजेंद्र अवस्थी किंकर, सुनीत वाजपेयी ने भी कविता पाठ किया। आयोजक पटेल अशोक कनौजिया व पातीराम गंगवार ने अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न से कवियों और अतिथियों को सम्मानित किया।
इस मौके पर ठाकुर प्रसाद गंगवार, डॉ. कौशल वर्मा, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. देवराज वर्मा, महेश कनौजिया, डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. राकेश वर्मा, सुभाष वर्मा आदि मौजूद रहे।