लखीमपुर खीरी। सांप को देखते ही लोग उसे मारने की सोचते हैं, लेकिन फूलबेहड़ के कुंजबिहारी नाम के सर्पमित्र ने एक सांप को अपने पास चार दिन रखकर उसका इलाज कराया और फिर वापस उसे जंगल में छोड़ दिया।
कुंज बिहारी को सड़क किनारे एक घोड़ा पछाड़ सांप जख्मी हालत में मिला था। उन्होंने उसका इलाज जिला पशु चिकित्सालय ले जाकर कराया। फार्मासिस्ट वीरेंद्र वर्मा ने देखा तो सांप की रीढ़ टूटी हुई थी। उन्होंने चोट का उपचार किया और टांके लगाए।
रविवार को इलाज के बाद कुंज बिहारी को सांप के साथ मंगलवार को फिर बुलाया गया था। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल दुबे ने बताया कि अब सांप बिल्कुल ठीक है। टांके काट दिए गए हैं। उपचार कर पट्टी भी बांध दी गई है।
उन्होंने बताया कि अब यह सरपट दौड़ेगा। इसे जंगल में छोड़ा जा सकता है। यह भी बताया कि उन्होंने पहली बार सांप का इलाज किया है। अब तक वह कुत्ता, बिल्ली, बकरी, भैंस, गाय आदि जानवरों का ही इलाज करते आए हैं। कुंज बिहारी ने मंगलवार को सांप जंगल में छोड़ दिया।
डीएम ने फार्मासिस्ट की थपथपाई पीठ
फार्मासिस्ट वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि सोमवार को यह खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बुलाकर उनकी तारीफ की। कहा यह बड़ी बात है कि सांप का इलाज किया गया और वह अब ठीक है।