लखीमपुर खीरी। कानून गो को रिश्वत देने के बाद भी आरएसएस के नकहा खंड के कार्यवाह विश्वेश्वर की जमीन की पैमाइश न कराने के छह साल के विवाद का बीस दिन की जांच के बाद पटाक्षेप हो गया। 20 दिन पहले विश्वेश्वर ने सदर विधायक योगेश वर्मा के सामने अपने साथ हुए अन्याय का मामला रखा था। विधायक ने एसडीएम सदर कार्यालय जाकर नाराजगी जताई थी।
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने जांच कराई। 20 दिन में जांच पूरी हुई और डीएम की जांच रिपोर्ट पर बुधवार को एक आईएएस अफसर और तीन पीसीएस अफसरों को शासन ने निलंबित कर दिया है।
सदर तहसील के गांव बंजरिया निवासी विश्वेश्वर आरएसएस के नकहा खंड के खंड कार्यवाह हैं। उन्होंने जमीन की पैमाइश को आवेदन किया था। जमीन की पैमाइश के नाम पर क्षेत्रीय कानूनगो ने उनसे पांच हजार रुपये करीब 6 साल पहले ले लिए थे। रुपये लेने के बाद भी पैमाइश नहीं कराई। कई बार शिकायत की, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
मामला संज्ञान में आने पर 23 अक्तूबर को सदर विधायक ने एसडीएम से पीड़ित को न्याय दिलाने को कहा था। वीडियो भी वायरल हुआ था। अब इसी मामले में डीएम की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई हुई है। जो तीन पीसीएस अफसर निलंबित हुए हैं, वे पूर्व में लखीमपुर खीरी में तैनात रह चुके हैं। जबकि अपर आयुक्त घनश्याम सिंह लखनऊ में ही तैनात रहे हैं। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई के संबंध में अभी कोई पत्र नहीं मिला है। इस कारण वह ज्यादा कुछ नहीं बता सकते हैं।