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UP: लखीमपुर खीरी में बाघिन की मौत के मामले की जांच करेगी एसआईटी, एनटीसीए ने भी तलब की रिपोर्ट

Mon, 29 Jun 2026 10:22 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एनटीसीए ने भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बाघिन को 23 जून को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा गया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। 
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वन अफसरों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण।
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन की मझगईं रेंज में ट्रेंकुलाइज किए जाने के कुछ घंटे बाद हुई बाघिन की मौत की जांच अब तीन सदस्यीय एसआईटी करेगी। प्रदेश के वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने जांच के आदेश दिए हैं। 

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प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने रविवार को घटनास्थल पहुंचकर मामले की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों व ग्रामीणों से पूछताछ की। मझगईं रेंज के रामनगर कलां और खालेपुरवा गांव में दो लोगों की जान लेने वाली बाघिन को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइज किया गया था। इसके कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। बरेली के आईवीआरआई की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बाघिन की आंतों और पेट में जख्म तथा पेट में कीड़े मिलने का उल्लेख है। हालांकि, बिसरा जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वन अधिकारियों, फील्ड कर्मचारियों और ग्रामीणों से जानकारी ली। इसके बाद प्रदेश के वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया।

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एसआईटी में शामिल हैं ये अफसर 
एसआईटी में दुधवा टाइगर रिजर्व के पूर्व फील्ड डायरेक्टर एवं वर्तमान में कार्ययोजना, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ललित कुमार वर्मा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (परियोजना) एपी सिन्हा तथा नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ के चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला शामिल हैं। टीम घटनास्थल का निरीक्षण, संबंधित लोगों से पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

मझगईं क्षेत्र में 14 दिन तक सक्रिय रही बाघिन
मझगई रेंज में दो लोगों की जान लेने वाली बाघिन 14 दिन तक क्षेत्र में सक्रिय रही। उसकी निगरानी के लिए वन विभाग ने 20 ट्रैप कैमरे और चार पिंजरे लगाए। 15 जून को रामनगर कलां निवासी 60 वर्षीय रामदीन और 16 जून को खालेपुरवा निवासी 45 वर्षीय कोकिला देवी की जान लेने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। 

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की अनुमति से दुधवा प्रशासन ने बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की। इसमें पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, मझगई रेंजर अंकित कुमार, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी रोहित रवी समेत अन्य सदस्य शामिल थे। मंगलवार तड़के बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया गया, लेकिन उसी दिन देर शाम उसकी मौत हो गई।
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एनटीसीए तक पहुंचा  मामला
बाघिन की मौत का मामला राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए ) तक पहुंच गया है। एनटीसीए के सदस्य सचिव संजय पाठक ने बताया कि मामले में उप्र प्रदेश की प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव से बाघिन के पकड़े जाने की वास्तविक स्थिति की जानकारी मांगी गई है। एनटीसीए के निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया की रिपोर्ट भी तलब की गई है।

वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि बाघिन की मौत के मामले में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। टीम यह जांच करेगी कि बाघिन की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी आकलन किया जाएगा। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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