रास्ते से निकलते नन्हे मुन्हें बच्चे।संवाद
निघासन। विकास खंड रमियाबेहड़ की कसावल के मजरा लोकईपुरवा गांव में बदहाल रास्तों ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। गांव का मुख्य मार्ग नालियों के अभाव और लंबे समय से मरम्मत न होने से बारिश में कीचड़ व जलभराव से तालाब जैसा बन गया है। करीब 200 मीटर खड़ंजे पर पैदल चलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण सर्वेश कुमार, रामस्वरूप, भजनलाल, फूलचंद, गुड्डू, सुनील, महंत आदि का कहना है कि इस मार्ग पर करीब 15-16 साल पहले बिना नाली के खड़ंजा बिछाया गया था। उसके बाद से न तो मरम्मत हुई और न सफाई। बरसात में पानी भरने से सड़क किनारे बसे घरों के सामने गंदा पानी जमा रहता है। छोटे बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, जिससे फिसलने का डर बना रहता है।
जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्सों में रास्ता धंस गया है। नालियों की कमी के कारण हल्की बारिश में भी पूरा इलाका पानी में डूब जाता है, जिससे वाहन चालकों व राहगीरों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रामस्वरूप के घर से पैकरमा के घर तक लगभग 200 मीटर खड़ंजे पर जलभराव की स्थिति है। इस संबंध में रमियाबेहड़ की बीडीओ श्रद्धा गुप्ता ने बताया कि बारिश के मौसम में मरम्मत संभव नहीं है। मार्ग को कार्ययोजना में शामिल कर और बरसात खत्म होते ही मरम्मत कराई जाएगी।