जिले में चार चरणों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग का पूरा जोर निष्पक्ष ढंग से मतगणना कराने पर है। इसके मद्देनजर आयोग ने निर्देश दिया है कि जिन एआरओ ने नामांकन से लेकर मतदान तक का कार्य किया है, उसे मतगणना में संबंधित न्याय पंचायत से हटा दिया जाए। इसके साथ ही मतगणना पर्यवेक्षक कार्यरत ब्लाक की बजाए दूसरे ब्लाक में लगाए जाएं। आयोग के निर्देश के बाद प्रशासन ने एआरओ को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि एक नवंबर को होने वाली मतगणना के लिए पार्टियां ब्लाक स्तर पर ही लगाई जाएंगी। वैसे तो जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के वोटो की गिनती एक साथ कराई जानी है, लेकिन पर्याप्त संख्या में मतगणना कर्मी उपलब्ध न होने एक-एक पद की मतगणना कराई जाएगी लेकिन इसकी सूचना पहले आयोग को देना जरूरी है।
आयोग ने कहा है कि प्रत्येक न्याय पंचायत के लिए कम से कम एक मतगणना टेबल का सेट लगाया जाए। यदि किसी न्याय पंचायत में ग्राम पंचायत की संख्या अधिक हो तो डीएम अपने स्तर पर मतगणना टेबल का सेट बढ़ा सकते हैं। यदि मतगणना में 24 घंटे से अधिक समय लगता है तो प्रथम दल को पुन: ड्यूटी पर लगाया जाए और 36 घंटे से अधिक समय लगने पर द्वितीय दल को भी पुन: ड्यूटी पर लगाया जाए। आयोग का निर्देश है कि मतगणना के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी आयोग द्वारा विकसित किए गए साफ्टवेयर पीपीपीएमएस के माध्यम से लगाई जाएगी।