- 14 से 21 अक्तूबर तक मनाया गया मातृत्व सप्ताह
- 32269 गर्भवती महिलाओं का हुआ था परीक्षण
मातृत्व सप्ताह के दौरान 35855 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया जाना था, लेकिन सिर्फ 32269 महिलाओं का ही परीक्षण किया जा सका, जिसमें से 3097 महिलाओं में हाईरिस्क प्रेगनेंसी की समस्या पाई गई है। इन महिलाओं का सरकारी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराए जाने के लिए जिले के स्वास्थ्य अधिकारी सर्तक हो गए हैं।
सीएमओ डॉ.जावेद अहमद ने बताया कि जिले में 14 से 21 अक्तूबर तक मनाए गए मातृत्व सप्ताह के दौरान 32269 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया गया, उनमें से 3097 महिलाओं को हाईरिस्क प्रेगनेंसी की समस्या के तहत चिह्नित किया गया। सीएमओ ने बताया कि जो महिलाएं हाईरिस्क प्रेगनेंसी की समस्या से पीड़ित पाई गई हैं, उनकी नियमित देखरेख की जाएगी, जिससे उनका अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।
24, 25 अक्तूबर को हाईरिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की दोबारा होगी जांच
एसीएमओ एवं एनएचएम प्रभारी डॉ.मातादीन ने बताया कि मातृत्व सप्ताह के दौरान 3097 गर्भवती महिलाओं में हाईरिस्क प्रेगनेंसी की समस्या मिली है, जिनकी सोमवार और मंगलवार को जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी और पीएचसी पर दुबारा जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि हाईरिस्क प्रेगनेंसी पीड़ित गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल एवं सीएचसी, पीएचसी पर लाने की जिम्मेदारी क्षेत्र की आशा बहुओं की होगी। उन्होंने बताया कि जांच के बाद इन सभी महिलाओं की नियमित देखरेख की जाएगी, जिससे इनका सुरक्षित प्रसव कराके जच्चा बच्चा की सुरक्षा की जा सकी।