ग्रन्ट नं. 12 में कटान करती शारदा नदी।संवाद
लखीमपुर खीरी/फूलबेहड़। कटान रूपी ग्रहण ने निघासन तहसील के गांव ग्रंट नंबर-12 की तस्वीर बेबसी में बदल दी है। खेत खलिहान, लहलहाती फसलें और घर सब नदी में समा रहे हैं। यह गांव कभी फूलबेहड़ ब्लाॅक क्षेत्र का सबसे सफल समृद्ध और खुशहाल गांवों में गिना जाता था।
लेखपाल, पुलिस, एसएसबी, शिक्षक जैसे पदों पर यहां के युवाओं ने भर्ती होकर गांव का नाम रोशन किया है। पिछले वर्ष से शारदा नदी से कटान शुरू हुआ है। नदी अब गांव की तरफ बढ़ती चली आ रही है। हर दिन गांव का कोई न कोई हिस्सा नदी में समाता जा रहा है।
ग्रामीण अपनी मेहनत, खून पसीने से कमाई करके बनाया गया घर, खेत में लहलहाती फसल आंखों के सामने असहाय होकर कटता देख तो रहे हैं, लेकिन अपना यह दर्द किसी से कह नहीं सकते। गांव के शैलेश शुक्ला ने बताया कि गांव में तीन सौ घर थे। बीते साल नदी के कटान में यहां के सात घर नदी में समा गए। इस वर्ष भी एक माह से नदी की तबाही ग्रामीण झेल रहे है। दो वर्षों में बीस से ज्यादा घर गिराने के बाद भी नदी का कटान नहीं रुका है।
ग्रन्ट नं. 12 में कटान करती शारदा नदी।संवाद
ग्रन्ट नं. 12 में कटान करती शारदा नदी।संवाद
ग्रन्ट नं. 12 में कटान करती शारदा नदी।संवाद
ग्रन्ट नं. 12 में कटान करती शारदा नदी।संवाद