लिलौटी नाथ मंदिर के समीप नदीघाट पर लगाया जाल। स्रोत : मंदिर कमेटी
महेवागंज। सावन को लेकर पौराणिक लिलौटीनाथ धाम में शिवभक्तों की सुविधा के इंतजाम किए गए हैं। कंडवा और जुनई नदी के संगम घाट पर मगरमच्छों की मौजूदगी को देखते हुए सीढ़ियों के पास बैरिकेडिंग कर जाल लगाया गया है।
वन विभाग ने चेतावनी और जागरूकता का बैनर लगाया है। इसमें मगरमच्छों से बचाव, घाट पर सावधानी बरतने, बच्चों को जल स्रोतों के पास अकेले न जाने देने और मवेशियों को पानी पिलाते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। महंत रोहित गिरि ने बताया कि सावन की तैयारियां मुकम्मल हैं। भव्य प्रवेश द्वार भी बनकर तैयार हैं। बुधवार को एमएलसी अनूप गुप्ता द्वार का उद्घाटन करेंगे।
लिलौटी मार्ग के चौड़ीकरण के बाद डीबीएम का काम शुरू हो गया है। सीडीओ ने सावन से पहले सड़क पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था। निर्माण की सुस्त गति का मुद्दा अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। अधिकारियों ने संज्ञान लिया और दो दिनों में आधी से ज्यादा सड़क पर डीबीएम का काम हो गया।
उधर, फूलबेहड़ में शारदा तटबंध किनारे प्राचीन बाबा गुप्तिनाथ धाम में भी साफ-सफाई, सज्जा और आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। सर्वराकार राजेश गुप्ता ने बताया कि सावन में हजारों शिवभक्त पूजन करने आते हैं। नदी की सुतिया पार कर मंदिर आने-जाने के लिए पर्याप्त नावों का इंतजाम है।