आर्य कन्या महाविद्यालय में तबला सीखते बच्चे। स्रोत: कॉलेज
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लखीमपुर खीरी। भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय में आयोजित ग्रीष्मकालीन तबला वादन कार्यशाला में संगीत साधना और उत्साह का माहौल रहा। कार्यशाला में जिले भर से आए 45 से अधिक प्रतिभागियों ने तबला वादन का प्रशिक्षण लिया और ताल विद्या की बारीकियां सीखीं।
कार्यशाला में प्रशिक्षिका एवं असिस्टेंट प्रोफेसर तबला शिवांगी सक्सेना ने विद्यार्थियों को संगीत में लय और उसके विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी। उन्होंने ताल और लय के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। पूरे सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह और अनुशासन के साथ तबला वादन का अभ्यास किया।
इस अवसर पर प्रयागराज से आए तबला कलाकार डॉ. विशाल कुमार साहू ने प्रतिभागियों को दादरा ताल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दादरा ताल का प्रयोग सुगम संगीत में प्रमुख रूप से किया जाता है। डॉ. साहू ने तबले पर विभिन्न बोल और ताल प्रस्तुत कर विद्यार्थियों को तकनीकी जानकारियां भी दीं।