लखीमपुर खीरी। जिले में न्यूनतम पारा 10 डिग्री तक पहुंचने लगा है। रैन (रात) सर्द होने लगी हैं, लेकिन जिम्मेदार अब तक बसेरे का इंतजाम नहीं कर पाए। बाहर से आने वाले राहगीरों को इधर-उधर रात काटनी पड़ रही है। शनिवार को पड़ताल में हकीकत सामने आई।
अस्थायी रैन बसेरे के लिए हर साल अक्तूबर में ही प्रक्रिया शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार नवंबर भी बीत गया। ऐसे में दूरदराज से आने वाले लोगों को रात गुजारने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल से लेकर रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर राहगीर अपने स्तर से व्यवस्थाएं करके रात गुजार रहे हैं। शनिवार देर रात पड़ताल कराई गई तो हकीकत सामने आ सकी। जिला अस्पताल में लोग महज एक कंबल के सहारे रात गुजारते दिखे। नाम न छापने की शर्त पर मरीज के तीमारदार ने बताया कि रैन बसेरा न होने से काफी दिक्कतें हो रही हैं। नीचे से फर्श ठंडी और ऊपर से सर्द हवाएं रात में कई बार जगने को मजबूर कर देती हैं।
पलियाकलां में पड़ताल के दौरान क्षेत्र में अभी कहीं भी रैन बसेरे चलते हुए नहीं मिले। रोडवेज बस अड्डे व पीडब्ल्यूडी के सामने नगर पालिका की तरफ से रैन बसेरा बनाया भी गया है, लेकिन इसमें अभी रात में ताला ही लटक रहा है। शहर में कहीं भी रेन बसेरा किसी भी संस्था या फिर प्रशासन की तरफ से अभी तक नहीं बनवाया गया है।
60 लोगों के लिए होती है व्यवस्था
नगर पालिका रोडवेज बस स्टैंड पर महिला और पुरुषों के लिए अलग रुकने की व्यवस्था कराती है, जबकि ओवरब्रिज के नीचे करीब 10 लोगों के रुकने की व्यवस्था होती है। रेन बसेरे को सीसीटीवी से लैस किया जाता है। रजाई, गद्दे और रेन बसेरा गर्म रहे, इसके लिए ब्लोअर की भी व्यवस्था की जाती है।
जिला अस्पताल में जमीन पर सोते मिले तीमारदार
पड़ताल के दौरान ग्राउंड फ्लोर से लेकर तीसरे मंजिल तक लोग जमीन पर सोते हुए नजर आए। कुछ लोग मरीज के साथ वार्ड में दुबके थे तो कोई अलग सो रहा था। जिला अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इसको लेकर अस्थायी रेन बसेरा बनाया जाएगा। प्रभारी सीएमएस संतोष मिश्रा ने बताया कि कागजी कार्यवाही करते हुए जल्द ही अस्थायी रेन बसेरा बनाया जाएगा।
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रैन बसेरा बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। तख्त, रजाई आदि की खरीदारी की जा रही है। एक-दो दिन के भीतर इसकी शुरुआत की जाएगी।
इरा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष
जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर दुबके बैठे लोग-संवाद
जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर दुबके बैठे लोग-संवाद
जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर दुबके बैठे लोग-संवाद