वन रेंज धौरहरा के गांव दुर्गा गौढ़ी प्रतापपुर में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया कि तेंदुए की उम्र दो वर्ष है। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।
लखीमपुर खीरी के दुधवा बफरजोन की वन रेंज धौरहरा के गांव दुर्गा गौढ़ी प्रतापपुर में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ शनिवार रात वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग की टीम उसे वन रेंज लाई, जहां चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसे अनुमति मिलने पर जंगल में छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
धौरहरा वन रेंज में इन दिनों तेंदुओं की संख्या काफी बढ़ चुकी है। वन रेंज के प्रतापपुर दुर्गा गौढ़ी में करीब दो माह से तेंदुआ लगातार लावारिस पशुओं का शिकार कर रहा था। एक माह पहले दुर्गा गौढ़ी गांव निवासी एक महिला और दस साल की एक बच्ची पर हमला कर घायल कर दिया था।
इसके बाद वन विभाग ने नाइट विजन कैमरे और दुर्गा गौढ़ी में अनुमति के बाद पिंजरा लगाया। शनिवार रात मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि तेंदुए की उम्र दो वर्ष है। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। अनुमति मिलने पर उसे जंगल में रिलीज किया जाएगा।