ममरी। मोहम्मदी वन रेंज क्षेत्र के मियांपुर गांव के पास से बृहस्पतिवार सुबइ पकड़े गए तेंदुए को जंगल में एक सुरक्षित स्थान पर डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। जिसे खाने में मुर्गे का मीट दिया जा रहा है। पकड़े गए तेंदुए का डीएफओ तापस मिहिर ने भी देखा, इस दौरान वह पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है।
रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि मियांपुर लखीराजपुर गांव के आसपास काफी दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ कई पालतू कुत्तों और पशुओं को निवाला बना चुका था। इसकी दहशत इस कदर फैली हुई थी कि लोगों ने खेतों की ओर जाना बंद कर दिया था। जिसे पकड़ने के लिए वहां पिंजरा लगाया गया था। आखिर बृहस्पतिवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। जिसे कर्तनिया घाट के पशु चिकित्सा डॉ. दीपक वर्मा की देखरेख में जंगल के एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
खाने के लिए मुर्गे का मीट दिया जा रहा है, जो पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है। डीएफओ तापस मिहिर ने भी तेंदुए का करीब से निरीक्षण किया, लेकिन उन्होंने अभी यह नहीं बताया है कि आखिर पकड़ा गया तेंदुआ कहां भेजा जाएगा। उधर, तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत महसूस की है। इधर, 16 मार्च को नंदलालपुर गांव निवासी मनोज कुमार को मौत के घाट उतारने वाले बाघ को पकड़ने के लिए आठ कैमरे, दो पिंजरे लगे हुए हैं। जो अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है, जिससे वहां दहशत फैली हुई है।