शादी अनुदान के लिए नई गाइड लाइन लागू
-शहर में 56460, ग्रामीण में 46080 रुपये वार्षिक आय पर नहीं मिलेगा अनुदान
-अधिकतम दो पुत्रियों की शादी के लिए ही अनुमन्य है अनुदान
-वित्तीय वर्ष 2016-17 में आनलाइन आवेदन ही आमंत्रित और स्वीकृत होंगे
शासन ने समाज कल्याण विभाग से संचालित शादी अनुदान योजना में नई गाइड लाइन लागू कर दी है। उसके अनुसार शहरी क्षेत्र में 56460 और ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये वार्षिक आय होने पर शादी अनुदान योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यह अनुदान एक परिवार में दो पुत्रियों की शादी तक ही अनुमन्य होगा। शासन ने इस योजना को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन को ही स्वीकृत दी जाएगी। शादी अनुदान योजना के अंतर्गत आवेदक द्वारा ऑनलाइन आवेदन शादी की तिथि के 90 दिन पूर्व तथा 90 दिन के बाद तक करना अनिवार्य होगा। अनुदान के लिए चयनित परिवार की दर्शाए गए आय संबंधी विवरण की जांच के कमेटी करेगी।
प्रमुख सचिव सुनील कुमार ने भेजे गए निर्देश में बताया है कि शादी अनुदान योजना को पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में ऑनलाइन आवेदन ही आमंत्रित और स्वीकृत किए जाएंगे। कहा गया है कि विवाह के लिए किए गए आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। योजना में पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला अथवा विकलांग आवेदक को वरीयता प्रदान की जाएगी।
प्रति शादी 20 हजार स्वीकृत होगा अनुदान
प्रमुख सचिव ने कहा है कि वित्तीय सहायता के रूप में प्रति शादी 20 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। एक परिवार से अधिकतम दो पुत्रियों की शादी के लिए अनुदान राशि अनुमन्य होगा। इसके बाद संबंधित परिवार को अनुदान नहीं मिल सकता है।
पेंशन के लिए आय प्रमाण पत्र जरूरी नहीं
प्रमुख सचिव ने कहा है कि वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन तथा समाजवादी पेंशन पाने वाले आवेदकों के लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। वहीं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों को तहसील की ओर से ऑनलाइन निर्गत जाति प्रमाण पत्र का क्रमांक अंकित करना अनिवार्य होगा।
अप्रैल में मिल जाएगी 50 प्रतिशत धनराशि
समाज कल्याण निदेशालय की ओर से जनपद में संबंधित वर्गों की जनसंख्या तथा उस वर्ग में व्याप्त गरीबी को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में जनपदवार आवंटन कर दिया जाएगा। उक्त आवंटन के 50 प्रतिशत की धनराशि अप्रैल माह में अवमुक्त कर दिया जाएगा।
आवेदन के सात दिनों में शुरू होगी जांच प्रक्रिया
पोर्टल पर अपलोड किए गए आवेदक का डाटा मिलान जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा किया जाएगा। जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र के आवेदनों को सात दिनों के अंदर खंड विकास अधिकारी तथा शहरी क्षेत्र के आवेदन को एसडीएम के लॉगिन पर अग्रसारित करना है। इसके बाद बीडीओ और एसडीएम को संबंधित कर्मचारियों से सत्यापन कराकर 15 दिन के अंदर जिला समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा।
डीएम की अध्यक्षता वाली समिति करेगी अनुदान स्वीकृत
शादी अनुदान स्वीकृत करने के लिए जनपद स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें डीएम अध्यक्ष, सीडीओ उपाध्यक्ष, सदस्य के रूप में सांसद अथवा उनके नामित प्रतिनिधि, जिले के समस्त विधायक अथवा उनके नामित प्रतिनिधि, सदस्य सचिव जिला समाज कल्याण अधिकारी शामिल हैं।