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खीरी भूमि पैमाइश प्रकरण: पीड़ित किसान का छलका दर्द, कहा- अफसर निलंबित हुए, लेकिन हमारा काम नहीं हुआ

Fri, 15 Nov 2024 03:29 PM IST
बरेली ब्यूरो पूर्णेश वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में जमीन की पैमाइश के नाम पर घूस ली गई। बुजुर्ग किसान को पांच साल तक दौड़ाया। अब मामले में आईएस समेत चार अफसरों पर गाज गिरी है। वहीं पीड़ित किसान का कहना है कि अफसर तो निलंबित हो गए हैं, लेकिन उनका काम नहीं हुआ है। 
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पीड़ित किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी में भूमि पैमाइश के जिस मामले में दोषी मानते हुए शासन ने एक आईएएस और तीन पीसीएस अफसरों को निलंबित किया है, उसमें आठ माह पूर्व पैमाइश हुई थी। यहां खास यह है कि पीड़ित ने पैमाइश के लिए पांच साल पहले मुकदमा दर्ज कराया था। 

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पैमाइश में पांच साल लगने का मलाल तो पीड़ित को था ही, लेकिन जब दो दिन बाद ही विपक्षियों ने प्रशासन द्वारा की गई मेड़बंदी गिरा दी तो उनका सब्र जवाब दे गया। उनको पीड़ा ये भी है कि पांच हजार रुपये रिश्वत देने के बाद भी उनका काम मुकम्मल नहीं हो पाया। पीड़ित का कहना है कि अफसर निलंबित हुए हैं, लेकिन हमारा काम नहीं हुआ है। 
 
2019 में सदर तहसील में दायर किया था वाद 
नकहा क्षेत्र के बंजरिया गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वेश्वर दयाल का कहना है कि उन्होंने अपने एक एकड़ आठ डिस्मिल खेत की पक्की पैमाइश कराने के लिए साल 2019 में धारा 24 के तहत सदर तहसील में वाद दायर किया था। 

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पांच साल बाद मार्च 2024 में पांच हजार रुपये रिश्वत देने पर 14 मार्च को पैमाइश तो हुई, पर दो दिन बाद ही विपक्षियों ने फिर मेड़बंदी तोड़ दी। इसके बाद उन्होंने इस मामले में अधिकारियों के काफी चक्कर लगाए, पर काम नहीं हुआ। उनके पांच हजार रुपये भी आज तक वापस नहीं हुए हैं। इसी को लेकर उन्होंने बीते अक्तूबर में सदर विधायक से अपनी पीड़ा बताई थी।

गन्ना सर्वे में पता चला था कि कम जमीन जोत रहे
विश्वेश्वर दयाल ने बताया कि उनका खेत कागजों में एक एकड़ आठ डिस्मिल है, पर वह मौके पर कम भूमि जोत रहे थे। वर्ष 2018 में जब चीनी मिल की ओर से गन्ना सर्वे कराया गया तो उन्हें पता चला कि वह कम जमीन जोत रहे हें। इसी के बाद उन्होंने अपने खेत की पक्की पैमाइश के लिए वाद दायर किया था।  

सीडीओ/प्रभारी डीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि मुझे इस मामले में स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे में एडीएम बता पाएंगे। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर इस मामले में किसकी लापरवाही रही और क्या कार्रवाई हुई, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
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लंबित हैं पैमाइश के ढाई सौ के करीब मामले 
जिले में इस समय पैमाइश के करीब ढाई सौ मामले लंबित हैं। इसमें सबसे ज्यादा सौ के करीब मामले सदर तहसील के हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर 50 मामले पलिया तहसील के हैं। इसी प्रकार गोला में 20, मितौली में एक, मोहम्मदी में 14 और निघासन में 17 और धौरहरा में 36 मामले लंबित हैं। 

चार साल से दौड़ रहे बौधिया के पुरुषोत्तम 
निघासन क्षेत्र के बौधिया निवासी पुरुषोत्तम ने बताया कि वह अपनी भूमि पैमाइश के लिए करीब चार साल से दौड़ रहे हैं। मुकदमा भी किया, लेकिन पैमाइश का आदेश होने के बाद भी अब तक सुनवाई नहीं हुई है। 

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