जय गुरुदेव सतीश चंद साहब जी का स्वागत करते अनुयायी। संवाद
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गोला गोकर्णनाथ। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के सौजन्य से रायपुर मूड़ागालिब के मां शकुंतला देवी स्मारक इंटर काॅलेज के प्रांगण में आयोजित सत्संग को राष्ट्रीय उपदेशक सतीशचंद साहब ने संबोधित किया। उन्होंने सत्संग में मानव जीवन की सार्थकता बताई।
उन्होंने कहा कि भवसागर से पार होने की इच्छा रखने वालों को संत की खोज कर उनकी सेवा, सत्संग और नाम की कमाई करनी चाहिए। मनुष्य शरीर चौरासी लाख योनियों से निकलने का एकमात्र अवसर है। इसे हिन्दू महात्माओं ने हरि मंदिर, मुसलमान फकीरों ने कुदरती काबा, ईसा मसीह ने जिंदा भगवान का घर बताया।
उन्होंने कहा कि रूहों पर रहम जो करता है, वही खुदा का प्यारा है। सभी रूहें खुदा की हैं, सबमें उसी का नूर है। इसलिए रूहों पर दया करनी चाहिए। उनकी हत्या नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बाबा जयगुरुदेव महाराज की भविष्यवाणियों की तरफ संकेत किया कि यदि लोग शाकाहार और नशा मुक्त जीवन शैली नहीं अपनाएंगे तो आगे भयंकर बीमारियां आएंगी।
इस मौके पर कालेज प्रबंधक अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह, श्रीकृष्ण यादव, मनोज त्रिवेदी, डीडी शुक्ला, मनोज कुमार, रामाधार, किशोरी, प्रमोद कुमार, ओमप्रकाश, सत्यप्रकाश, विनोद कुमार और रोहित यादव आदि मौजूद रहे।