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Lakhimpur Kheri News: बिल वसूलकर विद्युत सखियों की जिंदगी हो रही रोशन

Sat, 10 Jan 2026 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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आरती देवी।
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लखीमपुर खीरी। स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं विद्युत सखी बनकर जिंदगी रोशन कर रही हैं। इस काम से उनको एक आय का जरिया मिला है। कुछ महिलाएं तो इतना अच्छा काम कर रही हैं कि वे हर माह 10 से 15 लाख रुपये तक बिल जमा कर लेती हैं, जिससे उन्हें मोटा कमीशन भी मिलता है। उन्हें बिजली बिल वाली मैडम के नाम से नई पहचान भी मिली है।
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जनपद में 266 सक्रिय विद्युत सखी हैं। मेहनत के हिसाब से उनकी आय होती है। अभी तक ग्रामीणों को बिजली का बिल जमा करने के लिए विद्युत कार्यालय जाना पड़ता था लेकिन विद्युत सखी के माध्यम से घर बैठे वे लोग बिल आसानी से जमा कर देते हैं। इसमें उपभोक्ता को कोई अतिरिक्त चार्ज भी नहीं देना पड़ता। रशीद भी हाथों-हाथ मिल जाती है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के डीएमएम वरुण गुप्ता ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक का विद्युत सखी एप है, जो एनआरएलएम के साथ मिलकर बना है। एप के वॉलेट से बिल जमा होता है। ग्राहक नकद भुगतान सखी को करते हैं। विद्युत निगम के वर्चुअल अकाउंट से पेटीएम, गूगल-पे या एनएफटी से वॉलेट रिचार्ज कर सकते हैं।
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विद्युत सखियों की ये हैं अपेक्षाएं
विद्युत सखियों ने बताया कि उनको न तो आईडी कार्ड मिला है और न ही टेबलेट। अपने निजी मोबाइल फोन से काम करती हैं। कमीशन भी पूरा नहीं मिलता। इन दिनों बैलेट का रिचार्ज नहीं हो पा रहा। आईडी भी ठीक से नहीं चलती। सबसे बड़ी समस्या स्मार्ट मीटर वालों का बिल जमा नहीं हो पाता। मांग है कि आईडी कार्ड व टेबलेट दिए जाएं। साथ ही महीने का मानदेय निर्धारित किया जाए।


चार साल से विद्युत सखी हूं। हर माह 10 से 12 लाख रुपये तक बिल जमा करती हूं। दिसंबर में तो 15 लाख रुपये जमा किए। पांच प्रतिशत कमीशन देने की बात कही थी, लेकिन कम ही मिला।
-आरती देवी, मझौरा बिजुआ
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वर्ष 2021 से काम कर रही हूं। हर माह आठ से 12 लाख रुपये बिल जमा कर लेती हूं, जिससे 15 से 20 हजार रुपये महीने का कमीशन मिल जाता है। गांव में ही उनको यह काम मिला, जिससे परिवार की काफी मदद हो जाती है।
-रुचि, सिंगाही खुर्द, संपूर्णानगर


नवंबर, 2025 में विद्युत सखी बनने का मौका मिला। अभी काम ज्यादा नहीं हो पा रहा है लेकिन धीरे-धीरे काम और आमदनी भी बढ़ेगी। पढ़ाई के साथ ही अब आय का एक जरिया बन गया है।
-क्रांति, निबोरिया निघासन
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विद्युत सखी का काम तो अच्छा है लेकिन उनको ज्यादा फायदा नहीं मिल पा रहा है। मानदेय निर्धारित कर दिया जाए तो बेहतर होगा। प्रशिक्षण में बताया गया था कि उसको मीटर रीडर का काम मिलेगा लेकिन वह भी नहीं मिला।
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-मालती मौर्या, मुन्नालाल पुरवा, रमियाबेहड़

आरती देवी।

आरती देवी।

आरती देवी।

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