वन विभाग के पिंजरे में कैद ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया तेंदुआ। संवाद
मझगईं। बेलाकलां गांव में पकड़े गए तेंदुए की रात वन विभाग के पिंजरे में कटी। रात भर वह दहाड़ता रहा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बृहस्पतिवार दोपहर तक उसे जंगल में छोड़े जाने की संभावना है।
यह तेंदुआ बेलाकलां और आसपास के इलाकों में करीब छह से अधिक लोगों को हमला कर घायल कर चुका था। यही नहीं इसने करीब एक दर्जन मवेशियों और कुत्तों को भी अपना निवाला बनाया था। वन विभाग की टीम लंबे समय से इसे पकड़ने की कोशिश में जुटी थी। टीम ने कई बार पिंजरे की जगह बदली और निगरानी के लिए कैमरे भी लगाए, लेकिन चालाक तेंदुआ हर बार चकमा देकर नई घटनाओं को अंजाम देता रहा।
मंगलवार को जब तेंदुए ने मजदूरों पर हमला किया तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्साए ग्रामीणों ने एकजुट होकर उसे चारों तरफ से घेर लिया। हमले के बाद तेंदुआ डिबरी तालाब के पास स्थित पुलिया के नीचे छिपने लगा, लेकिन वहां से भागने का मौका न पाकर वह पेड़ों की ओट में छिप गया। इसी दौरान ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए उसे दबोचकर रस्सी से जकड़ दिया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को अपनी सुपुर्दगी में लिया और मझगईं रेंज ले आई। वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि तेंदुए की विशेष निगरानी की जा रही है। बृहस्पतिवार दोपहर तक दिशा-निर्देश मिलने के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा।