लखीमपुर खीरी। आवास योजना मंजूरी की रकम में से रुपये देने से मना करने पर पिता की हत्या करने के ढाई साल पुराने मामले में एडीजे रेनू सिंह ने दोषी पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
बताते चलें कि धौरहरा थाना क्षेत्र के मेढ़कौहा मजरा डिहुवा कलां के रहने वाले पुत्तू गौतम को सरकार से आवास योजना की मंजूरी पर धनराशि मिली थी। जानकारी होने पर छोटकन्न 25 अप्रैल 2023 को घर पहुंचकर रुपये देने का पिता पुत्तू गौतम पर दबाव बनाने लगा। कहासुनी और विवाद के बीच चाकू घोंपकर भाग गया। पुलिस जब पुत्तू गौतम को लेकर अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
नामजद छोटकन्न की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान तोताराम गौतम ने अपने बयान दर्ज कराए तो एसआई विवेक उपाध्याय ने अभियोजन कथन की पुष्टि कर दी। मगर, कत्ल के समय मौके पर मौजूद लोगों ने अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस को दिए बयानों से पल्ला झाड़ लिया। एक-एक कर श्रीकृष्णा, शांति देवी, आसाराम, चंद्र किशोर दिलीप कुमार अपने बयान से पलट गए।
मगर, अदालत के बारीकी से एक-एक पहलू को जोड़ने पर कत्ल की पूरी वारदात साबित हो गई। बृहस्पतिवार को एडीजे रेनू सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए छोटकन्न गौतम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
किशोरी से छेड़खानी और धमकी के दोषी को 3.5 साल कैद की सजा
- एडीजे गुलाम मुस्तफा ने फैसले में दोषी पर जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज़ एजेंसी
लखीमपुर खीरी। जनसेवा केंद्र से पिता के साथ लौट रही किशोरी के साथ छेड़खानी करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में आठ साल बाद फैसला आया है। एडीजे गुलाम मुस्तफा ने मनचले को साढ़े तीन साल कैद और 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 20 जुलाई 2017 को पसगवां थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी अपने पिता के साथ साइकिल से जनसेवा केंद्र सुखवासा पहुंची थी और खाता खुलवाकर लौट रही थी। रास्ते में बाग के पास पिता की साइकिल पर पीछे कैरियर पर बैठी पीड़िता किशोरी से आरोपी सुखवासा निवासी पवन कश्यप ने छेड़खानी शुरू कर दी और मोटर साइकिल से टक्कर मार कर पिता-पुत्री को गिरा दिया था। इसके बाद भी किशोरी का हाथ पकड़ कर बुरी नियत से खींचने का प्रयास किया था।
पसगवां पुलिस ने बड़ी मुश्किल से तीसरे दिन घटना की रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़िता किशोरी का मेडिकल भी नहीं कराया था। बृहस्पतिवार को साढ़े आठ साल पुराने मामले में एडीजे गुलाम मुस्तफा ने फैसला सुनाते हुए आरोपी पवन कश्यप को साढ़े तीन साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी है कि वसूल किए गए जुर्माना में से पांच हजार रुपये की राशि मुआवजा के रूप में पीड़िता किशोरी को अदा की जाएगी।
महिला को उम्रकैद, जुर्माना भी
लखीमपुर खीरी। कहासुनी के दौरान ईंट से कूचकर ग्रामीण महिला को मौत के घाट उतारने के 14 साल पुराने मामले में एडीजे शैलोज चंद्रा ने दोषी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मैगलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम केमता बनवारी में रहने वाले रामसेवक की माता द्रोपदी आरख 11 सितंबर 2011 को गांव में ही परमानंद के घर उलाहना देने गईं थीं। इसी बीच कहासुनी होने लगी। कहासुनी बढ़ने पर परमानंद की पत्नी गुड्डी देवी ने ईंट से कूचकर द्रोपदी आरख को मौत के घाट उतार दिया था। चोट के कारण उसकी मौत पर पुलिस ने सदोष मानव वध की धारा 304 में गिरफ्तार करते हुए गुड्डी को जेल भेज दिया था।
14 साल तक चली अदालत की सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को एडीजे शैलोज चंद्रा ने गुड्डी देवी को दोष सिद्ध पाया है। उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद