कुंभी स्थित बायोप्लास्टिक प्लांट परिसर में दाखिल होता वेसल लदा ट्रक। संवाद
अमीरनगर। 240 पहियों वाले महाबली ट्रक पर लाया जा रहा करीब 200 टन वजनी वेसल (साइक्लाइजेशन रिएक्टर) बृहस्पतिवार को कुंभी स्थित इंटीग्रेटेड बायोप्लास्टिक प्लांट पहुंच गया। ओडिशा से पांच महीने से अधिक का सफर यहां आकर पूरा हो गया।
लंबे सफर के दौरान रास्ते में लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा ट्रक भीखमपुर में भीड़ के बीच से गुजरा। यहां मशीन के साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। वेसल के प्लांट पहुंचने के बाद अब इसे स्थापित करने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, दो दिन में इंस्टालेशन करने का लक्ष्य है।
भीखमपुर कस्बे में दोपहर करीब डेढ़ बजे महाबली ट्रक नहर पुल से गुजरा तो उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। लोग ट्रक के साथ-साथ चलते हुए वेसल को नजदीक से देखने की कोशिश करते रहे। कस्बे के चौराहे पर भी बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। युवाओं ने मशीन के साथ सेल्फी ली। भीड़ बढ़ने पर मितौली पुलिस को लोगों को हटाने और यातायात सुचारु रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद अपराह्न करीब चार बजे ट्रक कुंभी स्थित प्लांट परिसर पहुंचा।
प्लांट पहुंचने से पहले चीनी मिल और बायोप्लास्टिक प्लांट के अधिकारियों ने मशीन लेकर आ रही टीम का स्वागत किया। इकाई प्रमुख डॉ. सुनील कुमार यादव और बायोप्लास्टिक प्लांट के हेड ललित जैन ने बताया कि वेसल के पहुंचने का लंबे समय से इंतजार था। इसकी स्थापना से जुड़ी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। अब मशीन को दो दिन में स्थापित करने की तैयारी है।
बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए वेसल का पहुंचना महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। मशीन को ट्रक से उतारने में करीब चार घंटे लगे। लंबे समय से जारी परिवहन पूरा होने के बाद अब प्लांट में इसकी स्थापना का काम आगे बढ़ेगा।