पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व के बेलरायां रेंज में विचरण करने वाली मादा गैंडा कल्पना के बच्चे का वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक इलाज कर उसे नई जिंदगी दी। उसके चेहरे पर गहरा घाव हो गया था, जिसके चलते वह काफी परेशान था।
मामले का खुलासा 21 जनवरी को तब हुआ, जब क्षेत्रीय वन अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को फोन पर सूचना दी कि गैंडा शावक के थूथन पर चोट के निशान हैं। तत्काल डॉक्टरों को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। इसके बाद उप निदेशक ने डॉक्टरों का एक पैनल बनाकर उच्च स्तर से इलाज की अनुमति मांगी गई।
बृहस्पतिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। उप निदेशक जगदीश आर के दिशा-निर्देशन में डॉक्टरों की टीम ने गैंडे के बच्चे को बड़ी ही सावधानी से ट्रैंक्युलाइज किया। इसके बाद उसके घावों की सफाई कर दवा लगाई गई।
इलाज सफल होने के बाद बच्चे को फिर से सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शावक की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस महत्वपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर उप प्रभागीय वनाधिकारी दीपक कुमार पांडे, डॉ. मोहम्मद तलहा, डॉ’ दयाशंकर, डॉ’ दीपक वर्मा और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी रोहित रवि सहित बड़ी संख्या में वन कर्मचारी और महावत मौजूद रहे।