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नेपाली हाथियों का झुंड फिर जटपुरा पहुंचा

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जटपुरा के जंगल में उत्पात मचाते हाथी।
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ढाई महीने में सिर्फ बृहस्पतिवार को शांत रहे हाथी, कहीं नहीं मचाया उत्पात

बांकेगंज। नेपाल से आए जंगली हाथी दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) बफर जोन की मैलानी रेंज में पूरे चौबीस घंटे आराम करने के बाद शुक्रवार रात सड़क पार करके शाहजहांपुर जिले की खुटार रेंज बीट में दाखिल हो गए। जहां कुंभिया गांव से सटे खेतों में खड़ी धान, गन्ने की फसलों में उत्पात मचाया। यहां से हाथियों ने मोहम्मदी रेंज की सहजनिया बीट बार्डर के रास्ते लौटकर शनिवार की सुबह फिर डीटीआर के जटपुरा जंगल में डेरा डाल दिया।
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पिछले ढाई महीने से दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा वन ब्लॉक और बफर जोन की जटपुरा, महुरेना बीट के अलावा पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) तक भ्रमण कर रहे नेपाली हाथी बृहस्पतिवार की रात शांत रहे। हाथियों ने जंगल में ही विश्राम किया और बाहर निकलकर कोई उत्पात नहीं मचाया।
शुक्रवार की रात हाथियों का दल फिर सक्रिय हुआ और रात में ही रोड क्रॉस कर शाहजहांपुर जिले की खुटार रेंज जा पहुंचा। इस बीच हाथियों ने खुटार और मोहम्मदी रेंज सीमा से सटे गांवों के खेतों में खड़ी फसलों में उत्पात मचाया। निगरानी टीमों के मुताबिक शनिवार सवेरे हाथियों का झुंड बफरजोन की महुरेना बीट जंगल के रास्ते फिर जटपुरा में पहुंच गया है।
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डीटीआर बफर जोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि शनिवार सवेरे हाथियों की लोकेशन जटपुरा जंगल में मिली है। वन कर्मियों की टीमों को हाथियों की लगातार निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कुंभिया, मुकुंडापुर में जंगली हाथियों ने उजाड़ीं फसलें

ममरी। शुक्रवार रात मैलानी रेंज के भरिगवां जंगल से गोला खुटार रोड पार कर मोहम्मदी रेंज की सहजनिया बीट जंगल पहुंचे नेपाल के जंगली हाथियों ने ग्राम कुंभिया, मुकुंडापुर, सहजनिया निवासी कई किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना धान की फसलें रौंदकर तहस-नहस कर डाली।
सहजनिया के पूर्व प्रधान गुड्डू वर्मा का कहना है कि इस क्षेत्र में नेपाली हाथियों के आने का यह तीसरा चक्कर है। उधर, रेंजर मोबीन आरिफ और फॉरेस्टर जगदीश वर्मा का कहना है कि हाथियों का झुंड मोहम्मदी रेंज के जंगल में पांच दिन ठहरने के बाद मैलानी जंगल में चला गया था, लेकिन शुक्रवार की रात हाथी फिर वापस सहजनिया जंगल में आ गए हैं। वन कर्मी, एसटीपीएफ जवान और किसान आग जलाकर और पटाखे दागकर हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं। संवाद
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