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गर्मी बढ़ते ही रुलाने लगी ओवरलोडिंग की समस्या

Sun, 10 May 2015 10:45 PM IST
लखीमपुर खीरी
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भीषण गर्मी में लखीमपुर शहर ही नहीं तहसील मुख्यालयों पर भी ओवरलोडिंग एक बड़ी समस्या बन गई है। गोला, पलिया और मोहम्मदी में करोड़ों रुपये की एपीडीआरपी योजना संचालित होने के बावजूद इस गर्मी में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आंकड़ों पर गौर करें तो एपीडीआरपी योजना में इन कस्बों में 50 फीसदी भी काम नहीं हुआ है। इससे ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज की समस्या और गहराएगी। खासकर लोड बढ़ने से सबसे ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं की दिक्कत बढ़ेगी। भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों में औसतन पांच-छह घंटे ही बिजली मिल रही है। उसमें भी लोकल फाल्ट की वजह से अघोषित कटौती हो रही है। एक बिजली अधिकारी का कहना है कि अगर एपीडीआरपी योजना के अंतर्गत निर्धारित समय में विद्युत सुदृढ़ीकरण का कार्य हो गया होता तो शायद ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज से लोगों को राहत मिलती, लेकिन अब एपीडीआरपी का कार्य पूरा होने के  बाद ही लोगों को राहत मिल पाएगी।
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जेई सर्वेश सिंह ने बताया कि एपीडीआरपी योजना से सभी जगहों पर बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाना है। इसके अंतर्गत गोला, पलिया और मोहम्मदी में कार्य कराया जा रहा है। कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जिसकी वजह से काम धीमा है, लेकिन सामान उपलब्ध होने के साथ ही चिह्नित जगहों पर आवश्यकतानुसार बिजली उपकरण लगाए जा रहे हैं।
इन तहसीलों में यह है स्थिति
गोला गोकर्णनाथ। एपीडीआरपी योजना के अंतर्गत विद्युत सुदृढ़ीकरण के लिए करीब तीन करोड़ का एस्टीमेट बना है। इसमें कुल 84 ट्रांसफार्मरों में अब तक सिर्फ 44 ही लग पाए हैं। वहीं 36 में 28 किलोमीटर ही केबल बिछ पाया है। इसी तरह 10 किमी. में सिर्फ चार किमी. ही खंभे लग पाए हैं।
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मोहम्मदी। योजना में मोहम्मदी बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 2.60 करोड़ की धनराशि स्वीकृत है। इसमें अभी तक 34 में 24 ही ट्रांसफार्मर लग पाए हैं। यहां आठ किमी. में सिर्फ 4.5 किमी ही खंभे लग पाए हैं। वहीं 24 किमी में 18 किमी ही केबल बिछा है।
पलिया। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार केे लिए ढाई करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ। इसमें 25 में सभी ट्रांसफार्मर लगा दिए गए हैं, लेकिन चार में सिर्फ 2.7 किमी ही खंभे लग पाए हैं। वहीं 21 किमी केबल में सिर्फ 14 किमी केबल ही बिछ पाया है।
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