शहर के मेडिकल कॉलेज भवन का मुख्य रास्ता। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले के लोगों को दिवाली तक मेडिकल कॉलेज का तोहफा नहीं मिल पाएगा। सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण परिसर के डी ब्लॉक का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। काम पूरा होने में अभी वक्त लगेगा, पर कितना इसकी भी किसी को जानकारी नहीं है। ऐसे में जिले के मरीजों को गंभीर बीमारियों के लिए लखनऊ की ही राह पकड़नी होगी।
डी ब्लॉक में मरीजों के लिए 30 बेड, मोर्चरी, ओपीडी, स्किल लैब और लेक्चर हॉल जैसी प्रमुख सुविधाएं प्रस्तावित हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जिस जगह पर डी ब्लॉक का निर्माण होना था, वहीं पहले से सीटी स्कैन मशीन लगी हुई है। मशीन को शिफ्ट न किए जाने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यही वजह है कि मेडिकल कॉलेज का संचालन इस दिवाली तक संभव नहीं हो पाएगा।
अब प्रशासन ने डी ब्लॉक की सुविधाओं को मजबूरन ए, बी और सी ब्लॉक में शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह व्यवस्था अस्थायी होगी और इससे कॉलेज की क्षमता व संचालन पर भी असर पड़ेगा।
लोगों का कहना है कि जिला स्तर पर मेडिकल कॉलेज खुलने से बड़ी राहत मिलती, लेकिन बार-बार की देरी से विश्वास कमजोर हो रहा है।
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वर्जन...
मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में कई आवश्यक कार्य शेष बचे हैं। कार्यदायी संस्था जैसे ही कार्य पूरा करने के बाद भवन हमें हस्तांतरित करेगी, वैसे ही मरीजों की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज को शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज