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किसान बोले, अब तो बकाया पूरा भुगतान लेकर ही थमेगा आंदोलन

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गोला मिल गेट पर धरने को संबोधित करते किसान नेता।
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गोला के मिल यार्ड में लगातार जुट रही है किसानों की भीड़
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किसानों की मांगें न मानीं तो कहीं सिंधू और गाजीपुर बॉर्डर की तर्ज पर न हो जाये किसान आंदोलन
गोला गोकर्णनाथ। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर बजाज चीनी मिल के तौल गेट पर किसान आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। जहां किसान नेताओं को अलग-अलग संगठनों का समर्थन मिल रहा हैं, वहीं किसानों ने लंगर शुरू कर किसान आंदोलन को मांग पूरी होने तक चलाने का मन बना लिया है।
बजाज चीनी मिल के तौल गेट पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा की अगुवाई में तीन दिसंबर को शुरू हुआ बकाया गन्ना भुगतान को लेकर धरना प्रदर्शन अब हर रोज जोर पकड़ रहा है। जहां 1 लाख 30 हजार क्विंटल पेराई करने वाली बजाज चीनी मिल ठप पड़ी है, वहीं गन्ना मिल यार्ड में किसानों के गन्ना भरे ट्रैक्टर-ट्राली खड़े हैं। किसानों को कई संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के साथ भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट, भारतीय किसान यूनियन राजनीतिक, ओबीसी महासंघ के रामनिवास वर्मा डटे हैं।
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उधर, कांग्रेस ने भी किसानों को अपना समर्थन दिया है। रविवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल, नरेश सिंह भदौरिया एडवोकेट, पूर्व सैनिक संगठन के वीरेंद्र कुमार मिश्र, कृष्ण गोपाल त्रिवेदी, रामकिशोर, जगदेव सिंह, गजेंद्र प्रसाद आदि ने समर्थन दिया।
किसान नेता श्रीकृष्ण वर्मा, अमनदीप सिंह संधू, महेश चंद्र वर्मा आदि का कहना है कि जब तक गन्ना मूल्य का बकाया पूरा भुगतान नहीं मिल जाता धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। इस मौके पर, गुरजाप सिंह, स्वराज सिंह, महेंद्र वर्मा, पलविंदर सिंह, कयूम खां, बलकार सिंह, राम सिंह वर्मा, प्रसादी लाल, उर्मिला मौर्य, दिलबाग सिंह, बलवीर सिंह, कुलवंत सिंह, शिव दयाल वर्मा, नारायण लाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
पुलिस किसानों की तहरीर पर भी दर्ज करें मुकदमा
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा कि 30 नवंबर को संगठन की ओर से मिल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी गई थी। कोतवाली पुलिस को उस तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज करना चाहिए।
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किसान आंदोलन पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए अधिकारी
शनिवार को डीएम, एसपी और सीडीओ ने आंदोलनरत किसानों को समझाने का भरसक प्रयास किया था, लेकिन किसान नेताओं ने उनकी नहीं सुनी। रविवार को तहसील स्तर के अधिकारी धरना प्रदर्शन वाले स्थान पर जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाए। कुछ देर तक यूनिट हेड के कार्यालय में एसडीम अविनाश चंद्र मौर्य, गन्ना विकास समिति सचिव नंदलाल माथुर और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आशुतोष मधुकर के बीच वार्ता तो हुई, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं गया। सचिव ने बताया कि बकाया गन्ना भुगतान और किसानों की मांग को लेकर अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं।
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