लखीमपुर खीरी। सीबीएसई ने मंगलवार को 10वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। मोहम्मदी के यूडी चिल्ड्रेंस एकेडमी के छात्र यश कुमार सिंह, आरेब खां एवं सिमरन वर्मा 99 प्रतिशत अंक लाकर टॉपर रहीं, जबकि दूसरे नंबर पर 98.8 प्रतिशत अंक लाकर अजमानी इंटरनेशनल की छात्रा आस्था वर्मा एवं गोल्डन फ्लावर स्कूल के छात्र शिवांग पांडेय और तीसरे नंबर पर 98.6 प्रतिशत अंक लाकर चिल्ड्रेंस एकेडमी की छात्रा अदा अरमान रहीं।
मंगलवार को ठीक 12 बजे रिजल्ट जारी होते ही छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना न रहा। छात्र-छात्राएं पहली बार पिछले साल की मेहनत के आधार पर मिलने वाले अंक जानने के लिए स्कूल की ओर निकल पड़े। बिना परीक्षा के जारी रिजल्ट से लगभग सभी स्कूलों का परिणाम शत प्रतिशत रहा।
अपने नंबरों को देखकर कई टॉपर्स मायूस तो सामान्य छात्र छात्राएं बेहद खुश दिखे। हालांकि रिजल्ट में बेहतर अंक मिलने के बावजूद हर छात्र की जुबान पर बस एक ही बात थी कि कोरोना काल में परीक्षा भी होनी चाहिए थी, भले ही नंबर ज्यादा आते या फिर इससे कम।
अजमानी इंटरेनशनल स्कूल के प्रबंधक जसमीत सिंह अजमानी ने बताया कि विद्यालय का रिजल्ट गत वर्षों की भांति इस बार भी शत प्रतिशत रहा। छात्रा आस्था वर्मा ने 98.8 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल टॉप किया है। उधर, चिल्ड्रंस एकेडमी की प्रबंधक कुमुद गोविल ने बताया कि 10वीं का रिजल्ट सौ फीसदी रहा है। छात्रा अदा अरमान 98.6 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय की टॉपर बनीं। ला मटीना स्कूल की छात्रा अर्शिका श्रीवास्तव 98 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल टॉपर बनीं। अजमानी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. मंजू पाठक ने बताया कि छात्र गौरव सिंह 96.2 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय के टॉपर रहे।
स्कूल भले ही बंद रहे पर शिक्षकों ने कराई ऑनलाइन पढ़ाई
- आईएएस बनना चाहते हैं यश कुमार
99 प्रतिशत अंक लाकर जिले के टॉपर उमा देवी चिल्ड्रेंस एकेडमी, मोहम्मदी के छात्र यश कुमार सिंह का कहना है कि यदि परीक्षा होती तब भी इतने ही अंक आते, क्योंकि अपनी मेहनत और तैयारी पर पूरा विश्वास है। गुलौली निवासी यश के पिता विनय सिंह किसान हैं। उसका सपना आईएएस बनना है। विनय सिंह बताते हैं कि बिना ट्यूशन के इतने अंक लाकर यश ने एक इतिहास रच दिया है। यश ने बताया कि कोरोना काल में स्कूल भले ही बंद रहे हों। मगर, शिक्षकों के मार्गदर्शन में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी, जिसका परिणामस्वरूप ये अंक मिले हैं।
कोरोना के कारण घर पर पढ़ाई का बहुत अच्छा मौका मिला
- इंजीनियर बनना है सिमरन का सपना
मोहम्मदी के उमा देवी चिल्ड्रेन्स एकेडमी स्कूल की छात्रा सिमरन वर्मा को भी 99 प्रतिशत अंक मिले हैं। वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। बौधीखुर्द गांव निवासी सिमरन के पिता अजय कुमार वर्मा किसान हैं। सिमरन बताती हैं कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी। इस कारण ही इतने अच्छे नंबर हासिल किए हैं। कोरोना के कारण घर पर ही रहना होता था। ऐसे में पढ़ाई के लिए काफी समय मिला, यदि परीक्षा भी होती तब भी नंबर इतने ही आते। पिता अजय कुमार वर्मा ने बताया कि बिना कोचिंग के इतने अच्छे नंबर लाकर बिटिया ने सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
कोरोना में ऑनलाइन पढ़ाई काफी काम आई
- आरेब बनना चाहते हैं इंजीनियर
मोहम्मदी के ही उमा देवी चिल्ड्रेंस एकेडमी के आरेब खां को भी 99 प्रतिशत अंक मिले हैं। मोहल्ला देवी स्थान निवासी आरेब के पिता रवि उल्ला खां पत्रकार और मां रजिया खां बेसिक विभाग में शिक्षक हैं। आरेब खां बताते हैं कि कोरोना के कारण पढ़ाई के लिए घर पर पूरा समय मिलता। ऐसे में घर पर ऑनलाइन पढ़ाई कर तैयारी कर रहे थे। यदि पेपर होते तब भी नंबर इतने ही आते, क्योंकि हमें अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा था।
कोरोना काल में ऑनलाइन और यू ट्यूब से की तैयारी
- मां की मौत से आहत आस्था वर्मा बनेंगी सर्जन
ओयल के विष्णुपुर निवासी आस्था वर्मा के पिता विनय प्रकाश वर्मा सिंभोली चीनी मिल बहराइच में मैनेजर हैं। 10वीं में 98.8 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय टॉप करने वाली अजमानी इंटरनेशलन स्कूल की छात्रा आस्था का सपना सर्जन बनना है। आस्था ने बताया कि बीमारी के कारण मां की कई साल पहले मौत हो चुकी है। घर में बड़ा भाई अंकित वर्मा है। आस्था ने बताया कि कोरोना काल में ऑनलाइन और यू ट्यूब से तैयारी की थी, लेकिन परीक्षा नहीं हुई। इसका अफसोस रहेगा। मगर, यदि पेपर होते तो नंबर इससे कम नहीं आते।
इंजीनियर बनेगा शिवांग
गोल्डन फ्लावर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र शिवांग पांडेय ने 98.8 प्रतिशत अंक पाकर विद्यालय टॉप किया है। शिवांश ने बताया कि इंटरमीडियट के बाद इंजीनियर बनने का सपना है। शिवांग ने बताया कि कोरोना काल में परीक्षा की बेहतर ढंग से तैयारी की थी। मगर, पेपर न होने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया। हमें पूरा विश्वास है कि यदि परीक्षा होती तो नंबर कहीं और ज्यादा आते।
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