नगर विकास अनुभाग के सचिव सुधीर सिंह चौहान ने पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता से बाजार भाव से अधिक दाम पर विद्युत सामग्री खरीद कर कमीशन के रूप में लाखों रुपये के गबन, पंप मोटरों, फागिंग मशीन, और सफाई उपकरण, ट्रैक्टर, टैंकर की खरीद में लाखों रुपये की राजकीय क्षति, ठेकेदारों से कमीशन लेकर मानक के अनुरूप कार्य न कराने, फर्जी नियुक्ति कर उनके नाम से वेतन आहरित करने, गैर कानूनी ढंग से धनार्जन कर अकूत चल अचल संपत्ति बनाने आदि आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
नोटिस में कहा है कि यदि वह 15 दिन में स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे। कहा गया है कि पालिकाध्यक्ष के विरुद्ध रमेश चंद्र मिश्र के शिकायती पत्रों की जांच डीएम से कराई गई। रमेश चंद्र मिश्र ने लोकायुक्त प्रशासन, लखनऊ के सामने शिकायती पत्र प्रस्तुत किया जिस पर लोकायुक्त ने डीएम की जांच रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई की आख्या देने के निर्देश दिए। इसी क्रम में डीएम खीरी और एसडीएम पलिया की जांच आख्या उपलब्ध कराई गईं। कहा गया है कि जांच आख्या के आधार पर नगर पालिका पलिया में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं के यह आरोप परीक्षण उपरांत प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं इसमें 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण न देने पर प्रकरण में गुण और अवगुण के अधार पर अगली कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
तहसील प्रशासन ने तमील कराई नोटिस
यह नोटिस तहसील अधिकारियों ने पालिकाध्यक्ष को तामील करा दिया है। इसके बाद तामीली रिपोर्ट डीएम को भी भेज दी गई है। तहसीलदार नीरज पटेल ने नगर पालिका अध्यक्ष को नोटिस तामील होने की पुष्टि की है।
पालिकाध्यक्ष बोले
पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता का कहना है कि नोटिस उन्हें प्राप्त हुई है और वह उसका जवाब देंगे।