कॉरिडोर के मुख्य द्वार की इस पट्टी पर लगेंगे फूल बेलपत्र की दुकानें। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। सावन शुरू होने में एक सप्ताह शेष है। प्रशासन और मंदिर कमेटी तैयारियों में जुटी है। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए मंदिर कमेटी की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
पौराणिक शिव मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरि ने बताया कि सावन में पौराणिक शिव मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे खोले जाएंगे। सोमवार को अत्यधिक भीड़ होने पर आवश्यकतानुसार गर्भगृह के बाहर दोनों द्वारों पर अरघा लगाकर भगवान शिव का जलाभिषेक कराने की अस्थायी व्यवस्था की जा सकती है।
गोला नगर की पहचान धार्मिक नगरी के रूप में है। सावन के दौरान प्रदेश में काशी के बाद यहां के पौराणिक शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, इसलिए गोला को छोटीकाशी कहा जाता है। गत वर्ष नगर पालिका परिषद की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में पूरे सावन करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का दावा किया गया था। इस बार कॉरिडोर निर्माण को लेकर उत्सुकता के चलते और अधिक भीड़ आने की उम्मीद जताई जा रही है।
श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए जिला व स्थानीय प्रशासन और कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल दिन-रात तैयारी में जुटे हैं। परिसर और परिक्षेत्र के रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। कॉरिडोर के मुख्य द्वार के दाहिनी ओर पटरी पर फूल-बेलपत्र की दुकानें लगवाने की व्यवस्था की गई है।
परिक्रमा पथ और तीर्थ के पाथवे को जोड़ने के लिए रैंप बनाई जा रही है। मुख्य द्वार से परिक्रमा पथ तक महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग चार दीर्घाएं रहेंगी।