ढहाया गया डल्लू राम मंदिर का जर्जर हिस्सा। संवाद
- फोटो : मृतक रामशंकर
गोला गोकर्णनाथ। निर्माणाधीन शिव मंदिर कॉरिडोर में गोकर्ण तीर्थ निर्माण की गुणवत्ता जांच में कार्यदाई संस्था को क्लीन चिट मिल गई है। वहीं दो महीने से अड़ंगे में अटका डल्लू राम मंदिर का जर्जर हिस्सा भी ध्वस्त कर दिया गया है। निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
गोकर्ण तीर्थ के निर्माण की गुणवत्ता में विधायक अमन गिरि एवं स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए थे। इसके बाद शासन से गठित टीम ने नमूना भरकर परीक्षण के लिए भेजा था। तब से गोकर्ण तीर्थ का निर्माण ठप पड़ा था। अब कार्यदाई संस्था यूपीपीसीएल और रीना कंस्ट्रक्शन को गुणवत्ता जांच टीम से क्लीन चिट मिल गई है। सोमवार से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं करीब दो महीने से कॉरिडोर परिसर में जिला पंचायत की भूमि पर बने डल्लूराम मंदिर के जर्जर हिस्से का ध्वस्तीकरण कर दिया है। वहीं आवासीय घर न्याय प्रक्रिया में अभी अटका हुआ है।
मलबा बेचने का आरोप
आसपास के लोगों ने निर्माण कार्य कर रहे, श्रमिकों एवं कर्मचारियों पर धवस्त कराए गए भवन का मलबा बेचने का आरोप लगाया है। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि मलबे की पर्यटन विभाग नीलामी कराएगा। बाउंड्री बाल बनने में दिक्कत आ रही थी, इसलिए मंदिर का जर्जर हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया है। जबकि अवैध बने घर का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
क्लीन चिट मिली, कारीगर बदले, मैनेजर को हटाया
कार्यवाही संस्था यूपीपीसीएल के एपीएम संकल्प वर्मा ने बताया कि कॉरिडोर का कार्य अनवरत चल रहा है। गोकर्ण तीर्थ की जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिल गई है। तीर्थ के निर्माण के लिए कार्यक्रमों को बदलकर राजस्थान से दूसरे कारीगर आएंगे। मैनेजर को हटाया गया है। तीर्थ का लेआउट होना है। संभवत सोमवार से कार्य शुरू हो जाएगा।