लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मोहम्मदी तहसील के मियांपुर गांव में कहा कि 1947 में जाति, क्षेत्र और भाषा में बंटने के कारण देश का विभाजन हुआ था। ऐसी त्रासदी दोबारा न हो, इसलिए जाति और क्षेत्र में न बंटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी ताकतें लगातार शरारत कर रहीं हैं, क्योंकि विभाजन में ही उनकी राजनीति और उनके गुंडों को फलने-फूलने का मौका मिलता है। उन गुंडों-दंगों से मुक्ति मिली है। उन्हें फिर न पनपने दें।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो बांग्लादेशियों को अधिकार दिया जा रहा है, वह सीएए के कारण है। जब यह कानून लाया गया तो कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस ने इसका विरोध किया था क्योंकि ये तुष्टीकरण के पोषक हैं। उन्होंने कहा कि पहले भारत का विभाजन हुआ, फिर पाकिस्तान के टुकड़े हुए और अभी उसके और टुकड़े होने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि पापी पाकिस्तान के पापों की सजा वहां रह रहे हिंदुओं, सिखों, जैनियों, पारसियों, बौद्धों और ईसाइयों को मिल रही है। विभाजन की त्रासदी के बाद दर-दर की ठोकरें खाते हुए यहां बसे बंगालियों को अब अधिकार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पाकिस्तान के पाप के कारण बांग्लादेश ने इन लोगों को ठुकराया था। उनकी जमीन-संपत्ति पर वहां के दरिंदों ने कब्जा कर लिया था। दशकों बाद उन्हें मालिकाना हक दिया जा रहा है, यह न्याय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबके साथ-सबके विकास के उद्घोष में गूंजता है। बांग्लादेश में प्रताड़ित सिख, बौद्ध, जैन, हिंदुओं को विश्वास है कि भारत उनके साथ खड़ा होगा।
यह न्याय का वह क्षण है जिसने इतिहास की अधूरी तमन्ना को पूरा किया है। नरेंद्र मोदी ने लंबा संघर्ष किया और हिंदू, बौद्ध, सिख, जैनियों, पारसियों को उनका अधिकार दिलाया। सभी को सुरक्षित और स्थिर जीवन की गारंटी मिल गई है। करीब 45 मिनट के भाषण में उन्होंने भारतीय परंपरा में धर्म की व्याख्या बताई और परहित सरिस धर्म नहिं भाई को आत्मसात कर काम रही भाजपा सरकार की उपलब्धियां भी बताईं।
मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल, वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू, सदर विधायक योगेश वर्मा, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी माैजूद रहे।