गौरीफंटा में बरामद हुआ माल व पकड़ी गई पिकअप के साथ अभियुक्त व पुलिस टीम। स्रोत पुलिस
गौरीफंटा/पलियाकलां। भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा क्षेत्र में सूड़ा मंडी के पास बुधवार रात पकड़ी गई आपत्तिजनक खिलौनों की खेप पलिया में किसी स्थान पर पहुंचाई जानी थी। करीब दो करोड़ रुपये कीमत के इन आपत्तिजनक खिलौनों की आधी खेप को पिकअप में भरकर नेपाल से तस्करी कर लाया जा रहा था। वहीं आधी खेप सूड़ा गांव में एक घर के बाहर से बरामद हुई है। मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो मौका पाकर भाग गए। मुख्य तस्कर अभी सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे नहीं चढ़ा है।
बुधवार रात पुलिस, एसएसबी व कस्टम की टीम ने संयुक्त चेकिंग के दौरान सूड़ा घाट से ग्राम सूड़ा को जाने वाले रास्ते पर एक बोलेरो पिकअप में प्लास्टिक के 72 पीले बोरों में कागज की पेटी के अंदर 10,800 आपत्तिजनक खिलौने बरामद किए। वहीं ग्राम सूड़ा में विजय सिंह राना के घर के बाहर से प्लास्टिक के 62 पीले बोरों में कागज की पेटी के अंदर 9,300 आपत्तिजनक खिलौने बरामद किए।
सीओ पलिया यादवेंद्र यादव ने बताया कि बरामद कुल 134 बोरों में मिले 20,100 आपत्तिजनक खिलौनों को कस्टम के सुपुर्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों में नईम खान निवासी सलामतनगर भीरा व अनिल अहमद निवासी अब्दुलकलाम नगर भीरा शामिल हैं। मौके से विजय सिंह राना निवासी सूड़ा व सानू सिद्दीकी निवासी भीरा भाग गए हैं। माल का दो करोड़ एक लाख का सीजर बनाकर कस्टम के सुपुर्द किया गया है।
सीओ ने बताया कि उक्त पकड़े गए लोग केवल ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं और उनको यह माल पलिया पहुंचाने के लिए कहा गया था। इसके एवज में रुपयों की बात भी हुई थी। फिलहाल, पुलिस पूरे सक्रिय सदस्यों के खिलाफ काम करने लगी है। इस तरह के आपत्तिजनक खिलौने बेचना भी अपराध की श्रेणी में आता है। मामले को लेकर गौरीफंटा कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।