15 दिन के भीतर सुधार लाने के दिए निर्देश
हाइकोर्ट के जस्टिस के निर्देश पर डीएम की ओर से गठित की गई जांच समिति मंगलवार को पर्यावरण अभियंता के साथ बीएचएल चीनी मिल पहुंची और वहां डिस्टलरी से प्रवाहित होने वाले पानी, खाद के प्लांट आदि का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मिल अधिकारियों को प्रदूषण रोकने के लिए 15 दिन के भीतर कार्रवाई का निर्देश दिया। जांच के दौरान मिल अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा।
हाईकोर्ट के जस्टिस श्री लांबा को दुधवा आने के दौरान मिल के पास बदबू आई थी और इसके बाद उन्होंने डीएम से यहां जांच कराने को कहा था। इस पर डीएम ने जांच टीम का गठन किया था। इसमें एक टीम यहां कई जगह निरीक्षण कर गई थी। इसी क्रम में दूसरे चरण में एक टीम यहां पहुंची। टीम ने जीएम प्रोडक्शन आरएस कुशवाहा से वार्ता की और उसके बाद सभी इटीपी पहुंचे, उन्होंने यहां से पानी के प्रवाह की शुरुआत, यहां से गुजरे नाले और उसमें से निकलने वाले पानी को देखा। इसके बाद समिति छोटी पलिया गांव गई और जहां तक मिल के गंदे पानी का नाला पहुंचा है वहां भी जांच की। यहां से टीम ने पानी के सैंपल भरे, अवर अभियंता ने मिल अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कार्रवाई करें। इस मौके पर एसडीएम शादाब असलम, सीओ एलडी भारती, जल निगम के एई सूरज वर्मा, सहकारी गन्ना समिति के सचिव भगवती प्रसाद श्रीवास्तव, सहायक पर्यावरण अभियंता अमित मिश्रा, अवर अभियंता आरके तिवारी भी साथ रहे।